जंतर-मंतर पर चला Gen Z का आंदोलन अब खत्म हो चुका है। लेकिन आंदोलन खत्म होने के बाद भी इसकी गूंज सोशल मीडिया पर लगातार सुनाई दे रही है। Gen Z… उनका अंदाज, उनकी भाषा, उनका विरोध करने का तरीका और सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी अब बहस का विषय बन चुके हैं। कई लोग मानते हैं कि इस नई पीढ़ी ने मजाकिया अंदाज में शुरू हुए अभियान को इतना बड़ा आंदोलन बना दिया कि आखिरकार मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। वहीं, कुछ लोग उनके तौर-तरीकों और भाषा को लेकर लगातार सवाल भी उठा रहे हैं।
इसी बहस के बीच हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर विवादों में आ गई हैं। विवादों से उनका पुराना नाता रहा है, लेकिन इस बार उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया। दरअसल, हाल ही में कंगना रनौत ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में नई पीढ़ी को लेकर बहुत सी बातें लिखी थी। खासकर Gen Z को “Gutter Generation” कह अपनी पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग नशा करने, शराब पीने और कई संबंध बनाने को आजादी का नाम देते हैं, लेकिन आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं समझते। कंगना ने यह भी लिखा कि वास्तव में स्वतंत्र महिलाएं अपने विचारों, फैसलों और जिम्मेदारियों से अपनी पहचान बनाती हैं। उन्होनें जेनजी महिलाओं पर कहा कि इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि घर भी नहीं संभाल न सकतीं। यही नहीं कगना ने जेनजी को लेकर और भी कई तरह की बाते कहीं। इससे पहले छात्र आंदोलन के दौरान भी वह Gen Z की परवरिश और सोच पर सवाल उठा चुकी थीं। बस फिर क्या था… सोशल मीडिया पर कंगना रनौत को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कई लोगों ने उनके बयान की आलोचना की, जबकि कुछ ने उनका समर्थन भी किया।
Gen Z से जुड़े CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “हम कंगना रनौत को गंभीरता से नहीं लेते, क्योंकि उनकी अपनी पार्टी भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। इसके जवाब में कंगना रनौत ने सौरभ दास को “यूजलेस” और “बेरोजगार” बताते हुए कहा कि, तुम्हारी उम्र में मैं दो नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी।
हालांकि मामला अब सिर्फ सोशल मीडिया की नोकझोंक तक सीमित नहीं रहा। एक सांसद के बयान ने इसे राजनीतिक रंग भी दे दिया है। कंगना के बयान के बाद कांग्रेस ने देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए वहीं बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कंगना रनौत के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि, “एक सांसद पूरी पीढ़ी को ‘Gutter Generation’ कहती हैं, देश की बेटियों पर सवाल उठाती हैं, उनकी जवाबदेही कब तय होगी?” उन्होंने कंगना को संसद से निष्कासित करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।
वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम सुक्खू ने कहा कि कंगना को ऐसा नही करना चाहिए। वो इस मामले को राजनीतिक रूप दे रही हैं जो कि गलत है। विक्रमादित्य ने भी कंगना पर पलटवार करते हुए ये कह दिया की भगवान उन्हें सदबुद्धि दे, खैर सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग और सियासी गलियारों में कंगना को लेकर हो रही तरह तरह की चर्चाओं के बीच सांसद ने आज एक बार फिर कैमरा पर आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होनें ‘कुछ’ प्रोटेस्टर्स को ‘गटरछाप’ बताया था क्योंकि वो सड़कों पर अनैतिक और अश्लील बर्ताव कर रहे थे। कंगना का कहना है, “मैंने इस गंदे बिहेवियर को सामान्य बनाने से मना किया था और यह कहा था कि मेरा समाज ऐसी चीजों को स्वीकार नहीं करेगा। हम लोग नहीं चाहते कि हमारे घर के बच्चे ये सब सीखें और हमारे घर के बुजुर्गों के सामने हमें शर्मिंदगी महसूस कराएं। हम इसे नॉर्मलाइज नहीं होने देंगे।” फिलहाल, यह विवाद सिर्फ कंगना रनौत बनाम Gen Z नहीं रह गया है। यह बहस अब नई पीढ़ी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा तक पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि यह विवाद सोशल मीडिया तक सीमित रहता है या सियासत में और बड़ा मुद्दा बनता है।