दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली
देशभर में पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर हजारों स्टूडेंट्स और पेरेंट्स सडक़ों पर हैं। पेपर लीक के मुद्दे के बीच पारदर्शी और सुचारू ढंग से परीक्षाएं आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कमाई सामने आई है। केंद्र सरकार ने एनटीए की कमाई का रिपोर्ट कार्ड खोला है। हाल ही में सरकार द्वारा संसद में दी गई जानकारी से पता चलता है कि बीते पांच में एनटीए की कमाई दोगुनी से ज्यादा हो गई है। 2019-20 में जहां एनटीए की आय 504.16 करोड़ रुपए थे, वहीं, 2023-24 में बढक़र 1,116.84 करोड़ रुपए पहुंच गई है। सरकार ने संसद को यह भी बताया कि 2018 में अपनी शुरुआत के बाद से, एनटीए ने 270 से ज्यादा परीक्षाएं आयोजित की हैं, जिनमें 6.6 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए, शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने एनटीए का आय-व्यय विवरण पेश किया। इसे अक्रूअल अकाउंटिंग सिस्टम के तहत तैयार किया गया था और एजेंसी की गवर्निंग बॉडी ने इसे मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आय दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। यह 2019-20 में 504.16 करोड़ रुपए से बढक़र 2023-24 में 1,116.84 करोड़ रुपए हो गई। 2020-21 में एनुअल इनकम 515.16 करोड़ रुपए, 2021-22 में 508.47 करोड़ रुपए, 2022-23 में 900.56 रुपए और 2023-24 में एनटीए की वार्षिक आय 1,116.84 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार द्वारा ससंद में बताया कि वार्षिक आय के साथ एनटीए का खर्च भी बढ़ा है।