व्यापारिक जहाज पर IRGC के हमले में एक भारतीय की मौत, कतर, UAE ने की निंदा

दुबई। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक व्यापारिक जहाज पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के हमले में एक भारतीय सहित नौ लोगों की मौत के बाद कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने इसकी निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, “कतर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकरों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता है और इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सीधा खतरा और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन मानता है।”

बयान में कहा गया, “विदेश मंत्रालय इस बात पर जोर देता है कि इस तरह के अस्वीकार्य हमलों का जारी रहना एक खतरनाक स्थिति को बढ़ाता है जो क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा है और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के प्रयासों को कमजोर करता है। मंत्रालय एक बार फिर ईरान से क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि को तुरंत बंद करने, अंतरराष्ट्रीय नौवहन और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को खतरे में डालने से बचने, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पूरी तरह से पालन करने तथा इस तरह के हमलों को दोहराने से रोकने के लिए तत्काल उपाय करने का आह्वान करता है।”

दूसरी ओर यूएई ने सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने दो तेल टैंकरों पर हुए ईरानी मिसाइल हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “दुस्साहसिक हमला” और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। यूएई ने बताया कि इस हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गयी और आठ अन्य घायल हुए। घायलों में चार की हालत गंभीर बतायी गयी है। यूएई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।

यूएई रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा, “मंत्रालय इस दुस्साहसिक हमले की निंदा करता है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है तथा क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए स्पष्ट खतरा पैदा करता है।” ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने टेलीग्राम पर एक बयान जारी करके इन हमलों की पुष्टि की। बयान में कहा गया कि आईआरजीसी के निर्धारित मार्ग से इतर गुजर रहे दो टैंकरों ने चेतावनियों को नजरअंदाज़ किया, अपने नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिये और बारूदी सुरंगों वाले रास्ते से गुज़रने की कोशिश की। इसके जवाब में उसने टैंकरों पर हमला किया।