जर्मनी में डीमैट से पीजी एडमिशन, भारतीयों के लिए बदला तरीका, इसी साल से लागू होगा नियम

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

जर्मनी में मास्टर्स करने की प्लानिंग कर रहे भारतीय छात्रों के लिए जरूरी खबर है। अभी तक यहां पढऩे के आईईएलटीएस और जीमैट और जीआरई जैसे टेस्ट स्कोर की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब इस लिस्ट में एक नया एग्जाम भी शामिल हो गया है। इस साल से जर्मनी की एकेडमिक इवैल्यूएशन सेंटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया के तहत एक नया डिजिटल मास्टर असेसमेंट टेस्ट (डीमैट) अनिवार्य किया जा रहा है। आधिकारिक डीमैट वेबसाइट के मुताबिक, अब अगर कोई भारतीय छात्र जर्मनी में पढऩा चाहता है, तो उसे पहले इस टेस्ट को क्लियर करना होगा। यह टेस्ट अब भारतीय छात्रों के लिए एपीएस डॉक्यूमेंटेशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया का एक नया हिस्सा होगा। जर्मन यूनिवर्सिटीज ने सोसाइटी फॉर एकेडमिक स्टडी प्रिपरेशन एंड टेस्ट डिवेलपमेंट के साथ मिलकर डीमैट को तैयार किया है।

इसमें अभी एक जनरल एकेडमिक मॉड्यूल शामिल है, जो भारत में एपीएस वेरिफिकेशन प्रोसेस के लिए जरूरी है। इसके साथ ही, इसमें केमिस्ट्री, फिजिक्स, कम्प्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और डेटा साइंस के सब्जेक्ट मॉड्यूल भी शामिल हैं। सब्जेक्ट मॉड्यूल के जरिए ये देखा जाता है कि स्टूडेंट को किसी विषय के बारे में कितनी गहराई से मालूम है और क्या वह मास्टर्स लेवल की पढ़ाई के लिए तैयार है या नहीं। डीमैट एग्जाम उन सभी स्टूडेंट्स के लिए जरूरी है, जो मास्टर्स की पढ़ाई करना चाहते हैं और उनकी बैचलर्स की डिग्री इंजीनियरिंग, कॉमर्स, अकाउंटिंग, फाइनांस, इकोनॉमिक्स, बिजनेस या मैनेजमेंट से जुड़ी हुई है। भले ही नए नियम अभी लागू कर दिए गए हैं, लेकिन डीमैट स्कोर की जरूरत समर सेमेस्टर 2027 में एडमिशन लेने के दौरान पड़ेगी। अभी इस एग्जाम का शेड्यूल जारी किया है, जिसके बाद ही रिजल्ट मिलेगा और फिर एडमिशन में स्कोर का इस्तेमाल किया जाएगा।

डीमैट एग्जाम का शेड्यूल

29 जून, 2026 रजिस्ट्रेशन शुरू
15 सितंबर, 2026 रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख
26 सितंबर, 2026 एग्जाम की तारीख
12 अक्तूबर, 2026 सर्टिफिकेट ऑनलाइन उपलब्ध होगा

अभी डीमैट स्कोर ले रही हैं दो यूनिवर्सिटीज

आरडब्ल्यूटीएच आकिन यूनिवर्सिटी और जॉर्ज-अगस्त यूनिवर्सिटी गोटिंगेन जर्मनी की दो ऐसी यूनिवर्सिटी हैं, जो अभी डीमैट स्कोर का इस्तेमाल एडमिशन के लिए कर रही हैं। आरडब्ल्यूटीएच आकिन यूनिवर्सिटी में बैटरी साइंस और टेक्नोलॉजी में एमएससी के लिए सब्जेक्ट मॉड्यूल का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि गोटिंगेन यूनिवर्सिटी इस टेस्ट का उपयोग अपने एमएससी इन डाटा साइंस प्रोग्राम के लिए करती है।