कार्यालय संवाददाता — शिमला
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। सरकार ने राज्य के विभिन्न प्राइमरी हैल्थ सेंटर, कम्युनिटी हैल्थ सेंटर और क्षेत्रिय अस्पतालों में 162 डाक्टरों की नियुक्ति कर दी है। सरकार के इस निर्णय से राज्य के उन दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा, जहां पर लंबे समय से डाक्टरों की कमी खल रही थी। स्वास्थ्य विभाग में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सिफारिश पर चयनित मेडिकल अधिकारियों को जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर के रूप में नियुक्ति देने की अधिसूचना जारी की है। चयनित डाक्टरों को दो वर्ष तक जॉब ट्रेनी के रूप में कार्य करना होगा। इस दौरान उन्हें प्रति माह 34,000 रुपए का एकमुश्त मानदेय दिया जाएगा। शुरुआत में नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी, जिसे निर्धारित शर्तों के अनुसार आगे जारी रखा जाएगा। इन डाक्टरों की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में की गई है।
अधिसूचना के मुताबिक जॉब ट्रेनी डाक्टरों को नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतन, भत्ते, पेंशन, एलटीसी, मेडिकल रिइम्बर्समेंट तथा अन्य सेवा लाभ नहीं मिलेंगे। हालांकि सरकारी कार्य से यात्रा करने पर उन्हें नियमानुसार टीए-डीए मिलेगा। साथ ही वे हिमकेयर आयुष्मान भारत योजना के तहत चिकित्सा सुविधा के पात्र होंगे। जॉब ट्रेनी डाक्टरों को प्रत्येक माह की सेवा पूरी करने पर दो दिन का आकस्मिक अवकाश, एक वर्ष में 10 दिन की मेडिकल लीव तथा पांच दिन का विशेष अवकाश मिलेगा। महिला डाक्टरों को नियमों के अनुसार 180 दिन का मातृत्व अवकाश तथा गर्भपात की स्थिति में 45 दिन तक का अवकाश भी दिया जाएगा।
दो साल बाद नियमितीकरण का प्रावधान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि दो वर्ष का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद डाक्टरों को नियमित वेतनमान में लाने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए उन्हें विभाग द्वारा निर्धारित क्वालिफाइंग परीक्षा या दक्षता परीक्षा पास करनी होगी। परीक्षा पास नहीं करने पर नियमितीकरण नहीं किया जाएगा।
अनुशासनहीनता पर जा सकती है नौकरी
यदि किसी जॉब ट्रेनी डाक्टर के खिलाफ जांच में अनुशासनहीनता या कार्य के प्रति अयोग्यता साबित होती है, तो उसकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। वहीं, स्वेच्छा से इस्तीफा देने के लिए एक माह का नोटिस देना होगा। यदि किसी प्रकार का सेवा बांड लागू होगा, तो उसकी राशि भी जमा करनी होगी। सरकार ने यह भी कहा है कि सभी नियुक्तियां चरित्र एवं दस्तावेजों के सत्यापन के अधीन रहेंगी।