वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
राज्य बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने ड्यूटी के दौरान होने वाली घातक एवं अघातक दुर्घटनाओं के मामलों में कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिवारों को देय मुआवजा, वित्तीय सहायता तथा रोजगार सहायता योजना के संबंध में एक समेकित अधिसूचना जारी करने की मांग बोर्ड प्रबंधन से की है। बोर्ड में एक समान, पारदर्शी एवं समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करने के मद्देनजर संघ की ओर से यह मांग उठाई गई है। तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर और महासचिव सीएल शर्मा ने कहा कि स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में कई मामलों में पात्र कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिवारों को समय पर सभी वैधानिक सहायता नहीं मिल पा रही है।
इससे न केवल कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, बल्कि अनावश्यक विवाद एवं न्यायालयीन प्रकरण भी उत्पन्न होते हैं। संघ ने सेवा के दौरान दिवंगत होने वाले कर्मचारियों के आश्रितों के लिए लागू इंप्पलायमेंट असेस्मेंट स्कीम के प्रभावी क्रियान्वयन की भी मांग उठाई। संघ का कहना है कि योजना के अनुसार पात्र आश्रित को तीन माह के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। प्रक्रियागत औपचारिकताओं एवं प्रशासनिक विलंब के कारण कई मामलों में नियुक्तियां निर्धारित समय-सीमा में नहीं हो पातीं। कर्मचारी नेताओं ने दो मामलों का हवाला देते हुए कहा कि घातक दुर्घटनाओं में शहीद हुए उनके परिवार को अभी तक नौकरी का प्रावधान नहीं किया गया। इससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित होता है और शोकाकुल परिवारों को आर्थिक संबल नहीं मिल पाता।