विभाजन के बाद भारत आए लोग शरणार्थी नहीं, योद्धा हैं

एजेंसियां — नागपुर

आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 1947 के विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आने वाले लोगों को शरणार्थी कहना सही नहीं है। वे संघर्ष के योद्धा थे, जिन्होंने कई पीढिय़ों की बनाई जमीन, कारोबार और संपत्ति छोडक़र भारत को चुना। उन्होंने कहा कि ये लोग इसलिए भारत आए, क्योंकि यहां बिना डर अपने धर्म का पालन कर सकते थे।

भारत को एक रखने की लड़ाई हम सब हार गए थे, लेकिन उन्होंने अपना विश्वास नहीं छोड़ा। भागवत ने नागपुर में सिंधु एजुकेशन सोसाइटी के 75वें स्थापना दिवस समारोह में ये बातें कही। इसी दौरान आरएसएस ने 10 से 12 जुलाई तक कर्नाटक के बेलगावी में होने वाली अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक का भी ऐलान किया।