भूस्खलन से दो मुख्य सडक़ों पर घंटों ठप रहा ट्रैफिक

नकरोड़-चांजू और चंबा-सलूणी मार्ग पर मलबा गिरने से प्रभावित रहा यातायात
टीम-चंबा, चुराह, सुरंगाणी
लगातार बारिश के बीच शनिवार को जिले के दो प्रमुख सडक़ मार्र्गों पर भूस्खलन से यातायात घंटों प्रभावित रहा। चुराह उपमंडल के नकरोड-चांजू मार्ग पर कठवाड़ घार के समीप पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर गिरने से सडक़ करीब डेढ़ घंटे तक बंद रही, जबकि चंबा-सलूणी मुख्य मार्ग पर सुंडला पुल के पास पहाड़ी दरकने से लगभग दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। कठवाड़ घार में शाम करीब चार बजे हुए भूस्खलन से दोनों ओर छोटे-बड़े वाहन फंस गए और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, सुंडला पुल के पास भूस्खलन के समय सडक़ से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दोनों मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया। मार्ग खुलने के बाद फंसे यात्रियों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने बरसात के दौरान बार-बार होने वाले भूस्खलन पर चिंता जताते हुए सरकार और लोक निर्माण विभाग से संवेदनशील स्थलों पर स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

चंबा में 14 सडक़ें बंद, 43 बहाल, सात पेयजल योजनाएं बंद
चंबा। जिला चंबा में लगातार जारी मूसलााधार बारिश के चलते जिला की विभिन्न सडक़ों पर पहाड़ों के लगातार दरकने से विभिन्न मार्गों पर यातायात बहाल रखना लोक निर्माण विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। शनिवार को भी बारिश के कारण जिल चंबा के 57 मार्गों पर यातायात बाधित रहा। लोक निर्माण विभाग ने देर शाम 43 मार्गों को दोबारा वाहनों की आवाजाही के लिए खोलने में सफलता हासिल कर ली है। चौदह मार्गों पर यातायात बहाली का काम जारी है। शनिवार सवेरे बारिश के कारण चंबा जिला में जगह-जगह भूस्ख्लन होने से 57 मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। इनमें चंबा के अठारह, डलहौजी के दो, तीसा के छह, सलूणी के चार, भरमौर के आठ, व भटियात के 19 मार्ग शामिल रहे। लोक निर्माण विभाग ने बारिश के बीच दिन भर इन मार्गो को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर आरंभ कर रखा है।

शनिवार शाम तक लोक निर्माण विभाग ने 43 मार्गों को दोबारा से वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है। फिलहाल जिला के 14 मार्गों पर अभी तक वाहनों की आवजाही ठप्प पड़ी हुई है। बारिश के कारण जिला में जलशक्ति विभाग की बारह पेयजल योजनाएं बाधित हुई। इनमें पांच पेयजल योजनाओं को रि-स्टोर कर दिया गया है। सात पेयजल योजनाओं को रि-स्टोर किया जा रहा है। शनिवार को बिजली बोर्ड के बारिश से बीस ट्रांसफार्मर बंद हुए थे। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने देर शाम तक बीस बंद ट्रांसफार्मरों को रि-स्टोर कर बिजली व्यवस्था को बहाल कर दिया है।