एजेंसियां— वाशिंगटन, तेहरान
अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को लागू करने की कोशिशों के बीच दोनों देशों की टीमें कतर की राजधानी दोहा पहुंच रही हैं। हालांकि ईरान ने साफ कर दिया है कि उनका डेलिगेशन अमेरिका से सीधी बातचीत नहीं करेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि उनका मकसद अभी विदेशों में फंसी फ्रीज्ड फंड जारी कराना है। जब तक इस दिशा में कोई काम नहीं होगा, तब तक वह शांति समझौते पर आगे बातचीत नहीं होगी। वहीं अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर भी दोहा पहुंच चुके हैं।
अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल आमने-सामने नहीं बैठेंगे, बल्कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत मध्यस्थों के जरिए होगी। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था। इसके तहत ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम के स्टॉक को कम करेगा। बदले में अमेरिका ईरानी तेल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में राहत देगा, होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने की कोशिश करेगा और दोनों देशों को अंतिम समझौते के लिए 60 दिन का समय मिलेगा।