एक लाख का इनामी डकैत विक्की छैमार एनकाउंटर में ढेर, कई जघन्य वारदातों में था वांछित

नोएडा। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की नोएडा यूनिट और पुलिस को मंगलवार सुबह उस समय बड़ी सफलता मिली, जब अंबेडकर नगर जिले के बीवाना क्षेत्र में एक कुख्यात इनामी डकैत मुठभेड़ में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर रूप से घायल हुए एक लाख रुपए के इनामी बदमाश की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को मुठभेड़ के संबंध जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान आसिफ उर्फ विक्की छैमार पुत्र बाबू मजहर, निवासी मकनपुर, थाना बिठूर/बिल्हौर, जिला कानपुर के रूप में हुई है। वह लंबे समय से उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और उसके ऊपर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ स्थल से 32 बोर की पिस्टल, 12 बोर की पौनिया (देसी बंदूक), भारी मात्रा में कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

आसिफ अपने गैंग के साथ मिलकर घरों में घुसकर परिवार के लोगों को बंधक बनाता था। इसके बाद लाखों रुपये की नकदी और जेवरात लूटता था। यदि कोई विरोध करता था तो उसकी बेरहमी से हत्या कर दी जाती थी। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में डकैती, हत्या और डकैती के दौरान हत्या जैसे गंभीर अपराधों के 21 से अधिक मामले दर्ज हैं। उसने 19 अक्टूबर, 2023 को सुल्तानपुर जिले में कोतवाली देहात क्षेत्र में अपने करीब 10 साथियों के साथ एक घर में घुसकर डकैती डाली और हत्या की वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में वह लंबे समय से वांछित था।

जौनपुर जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2014 में घर में घुसकर परिवार को बंधक बनाया, लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूट ली। विरोध करने पर परिवार के पांच सदस्यों पर धारदार हथियार से हमला किया, जिसमें स्वाति और सुमन की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना प्रदेश की सबसे चर्चित डकैती और दोहरे हत्याकांडों में शामिल रही। वर्ष 2015 में अगस्त माह में कौशांबी जिले कोखराज क्षेत्र में गैंग के साथ डकैती के दौरान वादी अवनि कुमार टैगोर के माता-पिता की हत्या कर दी। इस मामले में भी वह फरार चल रहा था।

इसके अलावा मुजफ्फरनगर जिला में छपार थाना क्षेत्र में महावीर सिंह के घर में घुसकर परिवार को बंधक बनाया और डकैती डाली। विरोध करने पर वादी की पुत्रवधू को धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसी रात गैंग ने क्षेत्र के पांच अन्य घरों में भी डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया। 13 जनवरी 2021 को कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में रेशमा के पति तासीम की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।

आसिफ 2013 के सुल्तानपुर डकैती एवं हत्याकांड, वर्ष 2014 के जौनपुर डकैती एवं दोहरे हत्याकांड और वर्ष 2015 के मुजफ्फरनगर डकैती कांड सहित कई संगीन मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ की इस कार्रवाई को प्रदेश के सक्रिय और खूंखार डकैत गिरोहों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब उसके गैंग के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुट गई है।