बारिश के इंतजार में ग्रामीणों ने जीवित की सदियों पुरानी परंपरा, कराई गधों की शादी

बेलगावी। कर्नाटक के बेलगावी जिले के मुन्याल गांव के निवासियों ने रविवार को बारिश की आस में दो गधों की शादी कराकर सदियों पुरानी लोक परंपरा को जीवित किया है। मुदलागी तालुक के हनुमान मंदिर में यह प्रतीकात्मक विवाह कराया गया। ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि इससे वर्षा देवता प्रसन्न होते हैं और अच्छी बारिश होती है। ‘कांतेश’ नाम के दूल्हे और ‘कस्तूरी’ नाम की दुल्हन गधे की पूरे रीति-रिवाज से शादी करायी गई। इस दौरान ग्रामीण वर-वधू पक्ष के परिवारों में बंट गए और सबने पारंपरिक उत्सव मनाकर उन्हें आशीर्वाद दिया।

सोशल मीडिया पर शादी का निमंत्रण कार्ड वायरल होने से यह अनोखा आयोजन चर्चा में आ गया, लेकिन ग्रामीणों के लिए इसका गहरा महत्व है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सुस्ती के कारण खेती ठप पड़ी है। ऐसे में बारिश पर निर्भर किसानों का यह कदम उनकी अटूट आस्था और लाचारी दोनों बयान करता है। आज भले ही हर जगह मौसम के आधुनिक पूर्वानुमानों पर भरोसा किया जाता है, लेकिन ग्रामीण कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गधों की शादी जैसी परंपराएं आज भी जिंदा हैं। यहां जब भी मानसून दगा देता है, लोग इन सदियों पुरानी प्रथाओं को अपनाना फिर से शुरू कर देते हैं।