चंपत राय की छुट्टी, बजरंग बांगड़ा देखेंगे राम मंदिर का खजाना, जानिए कौन हैं नए महासचिव

लखनऊ। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में कई अहम फैसले हुए हैं। चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं और इसे मंजूर भी किया जा चुका है। इसी बीच बजरंग बांगड़ा को महासचिव चुन लिया गया है। सरकारी नवरत्न कंपनी ‘नाल्को’ के पूर्व चेयरमैन और पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट बजरंग बागड़ा के हाथों में अब रामलला के खजाने और प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी होगी। चंपत राय पर फैसला लेने से पहले राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास ने कहा कि जो पाप से जुड़ा है, उसे सजा दिलाएंगे। बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के नाम को लेकर शुरूआत में ही काफी विरोध देखने को मिला।

कौन हैं बजरंग बांगड़ा

राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव बजरंग बागड़ा विश्व हिंदू परिषद के नेता हैं। हिंदू समाज, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके विशाल योगदान को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद ने उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी। संगठन के प्रति उनके समर्पण और रणनीतिक कौशल को देखते हुए, फरवरी 2024 में उन्हें पदोन्नत कर विश्व हिंदू परिषद का अंतरराष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया। वह हिंदू हितों और विहिप की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले सबसे मजबूत और अनुभवी चेहरों में से एक हैं।

बजरंग बांगड़ा राजस्थान के सीकर जिला से हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी माध्यमिक विद्यालय, लोसल (सीकर) से (1961-1970 के बीच) हुई। अपने दम पर उन्होंने नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप भी प्राप्त की। स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने जयपुर के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बी.कॉम की डिग्री हासिल की और फिर दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से सीए की पढ़ाई की। फरवरी 2024 में अयोध्या में ही आयोजित हुई विहिप की राष्ट्रीय बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से संगठन का अंतरराष्ट्रीय महामंत्री निर्वाचित किया गया था। बजरंग लाल बागड़ा को हिंदू समाज, धर्मांतरण विरोधी कानून, जनसंख्या नियंत्रण और देश भर के मंदिरों के धार्मिक-प्रशासनिक मामलों पर विहिप का पक्ष बेहद मजबूती, वैज्ञानिकता और तार्किक ढंग से रखने के लिए जाना जाता है।