45 डाक्टरों को मिला उच्च पदनाम

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी मेडिकल कालेजों में निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 45 चिकित्सा अधिकारियों (एमओ) एवं फैकल्टी सदस्यों को उच्च पदनाम देने का निर्णय लिया है। यह फैसला जनहित में लिया गया है ताकि मेडिकल कालेजों में विशेषज्ञ सेवाओं और शिक्षण व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। सरकार के निर्णय के तहत 42 चिकित्सा अधिकारियों को सहायक प्रोफेसर (असिस्टेंट प्रोफेसर), एक सहायक प्रोफेसर को एसोसिएट प्रोफेसर तथा दो एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रोफेसर के पद पर नामित (डिजि़ग्नेट) किया गया है।

सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य के सरकारी मेडिकल कालेजों में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी तथा मरीजों को बेहतर और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। कुल 45 अधिकारियों एवं फैकल्टी सदस्यों को इस निर्णय का लाभ मिलेगा। इनमें से 42 को मेडिकल ऑफिसर से डेजिग्नेटिड असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया गया है। जबकि एक को असिस्टेंट प्रोफेसर से डेजिग्नेटिक एसोसिएट प्रोफेसर और दो डाक्टरों को एसोसिएट प्रोफेसर से डेजिग्नेटिड प्रोफेसर नियुक्त किया गया है।