पंचकूला। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने महिला कर्मचारियों के मातृत्व अवकाश से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधानों के तहत दो से कम जीवित बच्चों वाली महिला कर्मचारी, जिसमें परिवीक्षाधीन कर्मचारी भी शामिल हैं, को 180 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जा सकेगा। एएआई ने केंद्र सरकार की मंजूरी से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (छुट्टी) विनियम, 2003 में संशोधन किया है। ये संशोधन 12 अगस्त, 2026 को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ प्रभावी हो गए।
संशोधित नियमों के अनुसार, मातृत्व अवकाश शुरू होने की तारीख से 180 दिनों की अवधि के लिए मंजूर किया जा सकता है। इसके लिए अधिकृत चिकित्सा अधिकारी अथवा अस्पताल या नर्सिंग होम द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। नियमों में गर्भपात, जिसमें एबॉर्शन भी शामिल है, या गर्भावस्था के चिकित्सकीय समापन की स्थिति में महिला कर्मचारी को उसके पूरे सेवाकाल के दौरान, जीवित बच्चों की संख्या की परवाह किए बिना, अधिकतम 45 दिन तक मातृत्व अवकाश देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए चिकित्सा प्रमाणपत्र आवश्यक होगा। हालांकि, नियम स्पष्ट करते हैं कि थ्रेटेंड एबॉर्शन को इस प्रावधान में शामिल नहीं किया गया है और ऐसी स्थिति में मातृत्व अवकाश मंजूर नहीं किया जा सकता।