नशे की दवाओं की सप्लाई के मामले में महिला आरोपी को कोर्ट से राहत नहीं
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-चंबा
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंबा रमणीक शर्मा की अदालत ने नशे की दवाओं की कथित सप्लाई के मामले में आरोपी आशा स्टीफन मैसी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने रिकॉर्ड के आधार पर कहा कि प्रथमदृष्टया आरोपी की मामले में संलिप्तता दिखाई देती है और वह ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 36-एसी के तहत जमानत के लिए आवश्यक दोनों शर्तें पूरी नहीं कर सकी। मामला चंबा में आदत डालने वाली दवाओं की कथित सप्लाई से जुड़ा है। हरमीत सिंह के घर की तलाशी के दौरान 995 टैपडोल-100 टैबलेट, 498 नर्विजेसिक 450 एमजी कैप्सूल, 503 नर्विजेसिक 300 एमजी कैप्सूल, 50 एसपाडोल और 45 बिना लेबल वाली दवाएं बरामद होने की बात सामने आई थी।
इसी दौरान आशा एंटरप्राइजेज, मुंबई के नाम से भेजा गया एक पार्सल भी मिला था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांच में कूरियर कंपनी से मिली जानकारी के आधार पर पार्सल की 10 हजार रुपये की राशि आशा एंटरप्राइजेज के बैंक खाते में जमा होने की बात सामने आई। जांच में यह भी बताया गया कि पार्सल मोहम्मद अहमद ने बुक किया था और आरोपी ने उसके साथ अपनी आईडी व पासवर्ड साझा किए थे। जांच के दौरान चंबा भेजे गए दवाओं वाले अन्य पार्सलों का भी पता चलने की जानकारी अदालत को दी गई। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया था कि उसके नाम और पते का किसी अन्य व्यक्ति ने उसकी जानकारी के बिना इस्तेमाल किया हो सकता है। हालांकि अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत याचिका पर की गई टिप्पणियां केवल आवेदन के निस्तारण तक सीमित हैं और मुख्य मामले के गुण-दोष पर उनका प्रभाव नहीं पड़ेगा।