पुलिस ने दी संदिग्ध वीडियो की सत्यता जांचने की दी सलाह
पुलिस ने साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को किया जागरूक
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। अब डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग कर ऐसे नकली वीडियो तैयार किए जा सकते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली लगते हैं। इन वीडियो के जरिए किसी व्यक्ति की आवाज, चेहरा या बयान को इस तरह बदला जा सकता है कि आम व्यक्ति के लिए असली और नकली में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। इसी को देखते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने लोगों को डीपफेक और फर्जी वीडियो को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले किसी भी संदिग्ध वीडियो पर तुरंत विश्वास न करें। यदि कोई वीडियो असामान्य, चौंकाने वाला या किसी व्यक्ति से जुड़ा ऐसा दावा करता दिखाई दे, जिस पर संदेह हो, तो उसे आगे भेजने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। बिना पुष्टि के किसी वीडियो को शेयर करने से गलत सूचना तेजी से फैल सकती है और इससे संबंधित व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ लोगों के साथ साइबर ठगी भी हो सकती है।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वीडियो में दिखाई देने वाले चेहरे की गतिविधियों, आवाज और होंठों के बीच तालमेल तथा वीडियो की असामान्य गुणवत्ता जैसे संकेतों पर ध्यान दें। हालांकि आधुनिक डीपफेक तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि केवल देखकर इसकी पहचान करना हमेशा संभव नहीं होता। इसलिए किसी महत्वपूर्ण या विवादित वीडियो की जानकारी दूसरे विश्वसनीय स्रोतों से भी जांचना जरूरी है। डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल केवल गलत जानकारी फैलाने तक सीमित नहीं है। साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल लोगों को भ्रमित करने, किसी परिचित या अधिकारी की आवाज और वीडियो की नकल कर पैसे मांगने तथा फर्जी दावे फैलाने के लिए भी कर सकते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्राप्त वीडियो, ऑडियो या संदेश के आधार पर तुरंत कोई आर्थिक लेनदेन करने से बचना चाहिए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर मिलने वाली हर जानकारी को सच न मानें और किसी भी संदिग्ध सामग्री को आगे बढ़ाने से पहले उसकी पुष्टि करें। स्वयं सतर्क रहने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी डीपफेक, फर्जी वीडियो और साइबर ठगी के खतरों के बारे में जागरूक करना जरूरी है। सावधानी, सत्यापन और समय पर शिकायत ही इस तरह के साइबर अपराधों से बचने का प्रभावी तरीका है।
साइबर अपराध होने पर तुरंत करें शिकायत
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या साइबर अपराध का शिकार होने पर देरी न करें। साइबर अपराध की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर दी जा सकती है। इसके अलावा ऑनलाइन शिकायत के लिए cybercrime.gov.in का इस्तेमाल किया जा सकता है। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने और मामले की जांच में मदद मिल सकती है।
—-अमन वर्मा