किसानों के लिए बड़ी खबर: धान खरीद के लिए 15 सितंबर के बाद खुलेगा पोर्टल, ऑनलाइन होगा पंजीकरण

किसान सरकारी मंडियों में ही बेचे धान की फसल, विभाग ने की अपील

इस साल मिलेगा धान की फसल का बढ़ा हुआ एमएसपी, 2461 प्रति क्विंटल

प्रदेश के किसानों से 28,600 मीट्रिक टन धान की फसल खरीद करने का लक्ष्य

प्रदेशभर में 11 सरकारी मंडियों में होगी किसानों से धान की फसल की खरीद

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा प्रदेश के किसानों से धान खरीद करने के लिए 15 सितंबर के बाद पोर्टल खोल दिया जाएगा। किसान धान की फसल बेचने के लिए पोर्टल में पजीकरण करवा सकेंगे। विभाग द्वारा किसानों के पंजीकरण लिए पोर्टल तैयार कर दिया है। धान खरीद के लिए पंजीकरण करने को विभाग ने hpappp.nic.in पोर्टल का लिंक तैयार किया है। विभाग के इस पोर्टल पर धान खरीद से जुड़ी सभी तरह की जानकारी उपलब्ध हैं। प्रदेश के किसान विभाग के इस पोर्टल पर किसी कम्प्यूटर कैफे और किसी भी लोक मित्र केंद्र पर जाकर जा फिर मोबाइल फोन पर पोर्टल पर पंजीकरण करवा सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकरण करवाने पर किसानों को धान की फसल बेचने के लिए टोकन नंबर और तिथि बताई जाएगी। विभाग के पोर्टल पर किसानों को पंजीकरण करवाने के लिए आधार,बैंक खाता सहित अन्य जानकारी अपलोड करनी होगी। धान की फसल बेचने का भुगतान विभाग द्वारा किसानों के खाते में ही किया जाएगा। किसानों से धान खरीद करने के लिए विभाग द्वारा 15 सितंबर के बाद पोर्टल खोल दिया जाएगा। विभाग द्वारा किसानों के लिए धान खरीद के पंजीकरण के तैयारी पूरी कर ली गई है। विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करवाने किसानों को टोकन नंबर और फसल बेचने की तिथि बताई जाएगी, जिसके बाद किसान केंद्रों में अपनी फसल लेजाकर बेच सकेंगे।

प्रदेश के धान खरीद केंद्रों में अक्टूबर माह के पहले सप्ताह से धान की खरीद शुरू की जाएगी। प्रदेश के चार प्रमुख धान उत्पादक जिलों कांगड़ा, ऊना, सोलन और सिरमौर में कुल 11 सरकारी खरीद मंडियां चिन्हित की गई हैं। इन मंडियों के माध्यम से किसानों से धान की खरीद की जाएगी। किसानों की धान उपज खरीदने के बाद 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन हस्तांतरित कर दिया जाएगा। इससे किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने प्रदेश के किसानों से अपील की है कि अपनी धान की फसल प्रदेश की सरकारी मंडियों में बेचें। प्रदेश सरकार ने धान की फसल का एमएसपी बढ़ा भी दिया है, इस बार किसनों को धान की फसल का 2,461 प्रति क्विंटल एमएसपी दिया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने हिमाचल प्रदेश में खरीफ सीजन 2026-27 के दौरान धान खरीद को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने और खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के उद्देश्य से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने व्यापक रणनीति तैयार की है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की निदेशक कुमद सिंह ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सरकार किसानों से सीधे धान की खरीद करेगी। इसके लिए प्रदेश के चार प्रमुख धान उत्पादक जिलों कांगड़ा, ऊना, सोलन और सिरमौर में कुल 11 सरकारी खरीद मंडियां चिन्हित की गई हैं। इन मंडियों के माध्यम से अक्टूबर माह के पहले सप्ताह से धान की खरीद शुरू की जाएगी। निदेशक कुमद सिंह ने बताया कि भारत सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए धान ग्रेड-ए का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह पिछले खरीफ सीजन की तुलना में 72 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है।

उन्होंने कहा कि इस सीजन में प्रदेश में 28,600 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि खरीद कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। कुमद सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी धान की उपज केवल सरकार द्वारा चिन्हित खरीद मंडियों में ही बेचें, जिससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल सके।

—अमन वर्मा