पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी भाजपा, अकाली दल के साथ गठबंधन की अटकलें निराधार

निजी संवाददाता — अमृतसर

पंजाब भाजपा के प्रवक्ता और मजीठा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर चल रही अटकलों को निराधार बताया। प्रो. ख्याला ने कहा कि अकाली दल के कुछ नेताओं की ओर से भाजपा-शिअद गठबंधन को लेकर दिए जा रहे बयान उनके व्यक्तिगत विचार और राजनीतिक अटकलें हैं। उन्होंने कहा कि ये भाजपा की आधिकारिक नीति को प्रदर्शित नहीं करते। उन्होंने कहा कि भाजपा का रुख केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं।

भाजपा पंजाब में बिना किसी गठबंधन के सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लडऩे की रणनीति पर काम कर रही है। प्रो. ख्याला ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष 24 और 25 अगस्त को दो दिवसीय पंजाब दौरे पर आएंगे। इसी सिलसिले में मजीठा में भाजपा अमृतसर ग्रामीण-2 के जिला अध्यक्ष कंवरबीर सिंह मंजिल की अध्यक्षता में संगठनात्मक बैठक हुई। बैठक में जिला प्रभारी रणजीत सिंह खोजेवाल, सह-प्रभारी मानव तनेजा, मजीठा विधानसभा प्रभारी प्रो. सरचांद सिंह ख्याला, विधानसभा संयोजक प्रदीप सिंह भुल्लर, मंडल अध्यक्ष राकेश पप्पा सहित मंडल अध्यक्ष, बूथ स्तर के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हुड्डा की सफाई, सज्जन को नहीं बताया रोल मॉडल

नई दिल्ली। 1984 के सिख विरोधी दंगों में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार के निधन के बाद कांग्रेस पार्टी में घमासान मचा हुआ है। स्थिति बिगड़ती देख दीपेंद्र हुड्डा ने अपने बयान को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। हुड्डा का कहना है कि उन्होंने रोल मॉडल शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था। आपको बता दें कि कांग्रेस नेताओं के अलावा दीपेंद्र हुड्डा के बयान को लेकर अकाली दल, भाजपा और आप ने भी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चारों तरफ से घिरने के बाद रविवार को दीपेंद्र हुड्डा ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी सज्जन कुमार को अपना रोल मॉडल नहीं बताया और न ही उनका ऐसा कोई इरादा था। सज्जन कुमार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने इसे देश के राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक बड़ी क्षति करार दिया था।