नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने हर भारतीय के बोलने, सवाल करने और असहमति जताने के लोकतांत्रिक अधिकार पर सुनियोजित हमला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोशल मीडिया रोक लगाने की कार्रवाई उतनी ही निंदनीय है, जितना युवाओं पर किया गया लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल करना है। खड़गे ने सोशल मीडिया एक्स पर मंगलवार को लिखा कि केवल पांच महीनों में ब्लॉक करने के 1.95 लाख आदेश जारी किए गए, यानी हर 68 सेकंड में एक आदेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि ये आदेश अपराधियों के खिलाफ नहीं, बल्कि छात्रों और उन युवाओं के खिलाफ हैं, जो अपने भविष्य और परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर जवाबदेही की मांग कर सड़कों पर उतरे हैं।
उन्होंने कहा कि जब युवाओं पर बर्बरता बरती जा रही थीं, उसी समय उनके समर्थन में उठने वाली आवाजों को भी पोस्ट और रील के जरिए इंटरनेट से व्यवस्थित रूप से हटाया जा रहा था।आलोचनात्मक सामग्री पोस्ट करने वाले पत्रकारों, रचनाकारों और आम नागरिकों को भी नोटिस, प्राथमिकी और दबाव का सामना करना पड़ रहा है। खड़गे ने कहा कि सरकार ने सामग्री हटाने की समय-सीमा घटाकर तीन घंटे कर दी है और सेंसरशिप को इतना स्वचालित कर दिया गया है कि आवाज दबाने से पहले आदेश को कोई इंसान तक नहीं पढ़ता। इसके साथ ही उन्होंने एक पोस्टर भी पोस्ट किया है जिसमें लिखा है कि मार्च से जुलाई के बीच सरकार ने लगभग हर मिनट एक सोशल मीडिया साइट को ब्लॉक करने का आर्डर दिया है। सरकार ने इस दौरान एक लाख इंस्टाग्राम, 80 हजार फेसबुक, 15 हजार यूट़यूब को बंद करने का आर्डर जारी किया है।