DC ऑफिस कांग्रेस का अड्डा नहीं, 2 दिन में जिला परिषद चुनाव कराए सरकार: जयराम

पंकज चौहान—शिमला

जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में देरी को लेकर भाजपा भडक़ गई है। चुनाव परिणाम के 70 दिन बाद भी जिला शिमला में चुनाव नहीं हुए हैं। शनिवार को प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में देरी को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त कार्यालय किसी राजनीतिक दल का जिला कार्यालय नहीं बन सकता। सरकार दो दिन के भीतर जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तिथि घोषित करे, अन्यथा भाजपा पहले उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी और जरूरत पड़ी तो उपायुक्त कार्यालय के बाहर लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन भी करेगी।

पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव परिणामों ने कांग्रेस सरकार की जमीन खिसकने का संकेत दे दिया है। जनादेश से घबराई कांग्रेस अब चुने हुए जिला परिषद सदस्यों को उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार देने से भी बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और चुनाव प्रक्रिया को जानबूझकर आगे बढऩे नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि शिमला जिला परिषद में कुल 25 निर्वाचित सदस्य हैं। इनमें 13 भाजपा समर्थित सदस्य हैं और अन्य सदस्यों का भी भाजपा को समर्थन प्राप्त है। इसके बावजूद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तारीख घोषित नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय इंदौरा ब्लॉक समिति मामले में स्पष्ट कर चुका है कि किसी अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया अनिश्चितकाल तक रोकने का अधिकार नहीं है।

नौ जिलों में कांग्रेस प्रत्याशी तक नहीं उतार पाई

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के 12 जिलों में से 10 जिलों में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव हो चुके हैं। इनमें नौ जिलों में कांग्रेस अपने प्रत्याशी तक नहीं उतार सकी और भाजपा समर्थित उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। उन्होंने दावा किया कि करीब 70 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में भाजपा समर्थित प्रधान चुने गए हैं। नगर निकायों में भी जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दिया है। धर्मशाला, मंडी और सोलन नगर निगमों में भाजपा ने बहुमत हासिल कर मेयर और डिप्टी मेयर चुने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पहले चुनाव टालने के लिए आपदा का सहारा लिया और बाद में पंचायती राज नियमों में संशोधन कर चुनाव प्रक्रिया को लंबा खींचने का रास्ता बनाया। पहले अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव मतदान के सात दिन के भीतर कराने का प्रावधान था, लेकिन 18 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी कर नियम में बदलाव किया गया।

झूठे मुकदमों से डराने की कोशिश भी नाकाम होगी

जयराम ठाकुर ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज हो रहे मामलों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों, पूर्व विधायकों, जिला परिषद सदस्यों और पार्टी कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा न राजनीतिक दबाव से डरेगी और न ही मुकदमों से पीछे हटेगी।