वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को शून्यकाल के दौरान पुलिस विभाग की अटेंडेंस ऐप से फील्ड स्टाफ को हो रही परेशानी और करुणामूलक आधार पर रोजगार देने की प्रक्रिया का मामला उठा। शून्यकाल में नालागढ़ से विधायक हरदीप सिंह बाबा ने एटेंडेंस ऐप से पुलिस विभाग के फील्ड स्टाफ को हो रही दिक्कतों का मामला उठाते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह नौ से शाम पांच बजे तक कार्यालय में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए ऐप का इस्तेमाल करना संभव है, लेकिन फील्ड में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए इससे काफी कठिनाई हो रही है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस विषय में पुलिस विभाग को लिखा जाएगा और विभाग से प्राप्त जानकारी को सदस्य के साथ साझा किया जाएगा।
वहीं, नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने शून्यकाल में रोजगार और करुणामूलक आधार पर नौकरियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रोजगार की समस्या केवल हिमाचल प्रदेश की नहीं, पूरे देश की समस्या है। उन्होंने केंद्र सरकार के हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादे का उल्लेख करते हुए कहा कि उस हिसाब से अब तक 24 करोड़ नौकरियां होनी चाहिए थीं। बाली ने कहा कि उन्होंने वंचित वर्गों को रोजगार देने का मुद्दा मुख्यमंत्री और मंत्रियों के समक्ष उठाया था। उन्होंने कहा कि करुणामूलक नौकरियों के लिये करीब एक माह पहले जारी अधिसूचना में 31 दिसंबर 2026 की समय सीमा रखी गई थी। इससे कई लोग पात्रता के दायरे में आए। इस पर डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार इस विषय पर मंथन कर रही है। जैसे ही कोई निर्णय होगा, सदन को इसकी जानकारी दी जाएगी।