सिल्ट फ्लशिंग के लिए खुलेंगे चमेरा-II और III के गेट, रावी नदी किनारे जाने पर रोक

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-चंबा

चमेरा-II और चमेरा-III पावर स्टेशनों के जलाशयों से सिल्ट (गाद) निकालने की प्रक्रिया के चलते बांध के गेट खोले जाएंगे। इसके परिणामस्वरूप डाऊनस्ट्रीम क्षेत्रों में रावी नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि होने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रबंधन ने स्थानीय निवासियों और आम जनता को नदी किनारे न जाने की सख्त हिदायत दी है।

एनएचपीसी चमेरा-II पावर स्टेशन (करियां) प्रबंधन द्वारा जारी जनसूचना के अनुसार डैम बग्गा और खड़ामुख से सिल्ट फ्लशिंग का यह विशेष कार्य 29 अगस्त की रात 11:00 बजे से शुरू किया जाएगा। यह प्रक्रिया अगले दिन 30 अगस्त की शाम लगभग 06:00 बजे (अनुमानित समय) तक जारी रहेगी। इस पूरी अवधि के दौरान चमेरा-II और चमेरा-III बांध के गेट खोलकर पानी को धीरे-धीरे छोड़ा जाएगा, जिसके कारण नदी का बहाव और जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

संभावित खतरे को देखते हुए प्रबंधन ने जनसाधारण से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को सचेत किया गया है कि बांध से पानी छोड़ने से पहले चेतावनी के तौर पर सायरन बजाया जाएगा, जिसकी आवाज पर सभी को विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा नदी के किनारों पर लगाए गए चेतावनी बोर्डों पर लिखे निर्देशों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। इस अलर्ट अवधि के दौरान नदी में मछली पकड़ने, बालू (रेत) निकालने या किसी भी असुरक्षित स्थान से नदी पार करने जैसे जोखिम भरे कार्यों पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे न तो स्वयं नदी के किनारे जाएं और न ही अपने मवेशियों को वहां जाने दें।

एनएचपीसी प्रबंधन ने अपनी सूचना में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति इन दिशा-निर्देशों की अनदेखी करता है और इसके फलस्वरूप किसी भी प्रकार के जानमाल की हानि होती है, तो उसके लिए एनएचपीसी चमेरा-II व III पावर स्टेशन प्रबंधन किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।