वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
हिमाचल में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के चयन की चल रही प्रक्रिया ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ के तहत की जा रही है। आईआरडीपी के तहत यह चयन नहीं हो रहा है। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए सभी उपायुक्तों को भी निर्देश दे दिए गए हैं, जबकि अपात्र के चयन होने पर संबंधित एसडीएम और बीडीओ के खिलाफ भी सरकार कार्रवाई करेगी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र के चौथे दिन शून्यकाल में गरीबों के चयन को लेकर चल रही प्रक्रिया को लेकर उठाए प्रश्न के जवाब में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने यह जवाब दिया है। मंत्री ने कहा कि योजना के तहत परिवारों के चयन के लिए एसडीएम और बीडीओ की कमेटी बनाई गई है। योजना को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
विशेष राहत पैकेज देने से पहले करेंगे अध्ययन
शून्यकाल में विधायक बिक्रम ठाकुर की ओर से सदन में रखे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पीर सलूही और कून्हा गांव के प्रभावित परिवारों को विशेष राहत पैकेज देने से पहले वह रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगामी कार्रवाई करेंगे। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पहाड़ दरकने के कारण इन गांवों के कुछ मकान भी फट गए हंै। इन परिवारों को मुआवजे के तौर पर अभी तक एक लाख 70 हजार की राशि ही मिली है।