एफसीआरए बिल पर बैकफुट पर सरकार

नई दिल्ली। विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक को सरकार ने संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी को भेजने का फैसला किया है। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। इससे पहले राज्यसभा बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कांग्रेस और टीएमसी ने एफसीआरए बिल को वापस लेने की मांग की थी। एफसीआरए बिल का खासतौर पर ईसाई समुदाय के साथ विपक्षी पार्टियां लगातार विरोध कर रही हैं। मंगलवार को ही तमिलनाडु विधानसभा ने इस बिल का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में केंद्र से इस विधेयक को वापस लेने का आग्रह किया गया है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि इस संशोधन से परमार्थ संगठनों की स्वायत्तता विशेष रूप से अल्पसंख्यकों की तरफ से चलाए जा रहे शैक्षणिक और समाज कल्याण संस्थानों के कामकाज पर असर पड़ सकता है। उधर, मिजोरम में भी इस बिल के विरोध में रैली निकाली गई। एफसीआरए अमेंडमेंट बिल, 2026 इस साल 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था और पार्लियामेंट के चल रहे मानसून सेशन में इस पर चर्चा होने की उम्मीद थी। हालांकि विपक्ष के हंगामे के चलते कोई खास विधायी काम नहीं हो सका है। इसी बीच एफसीआर को पास कराने का प्लान सरकार ने फिलहाल टाल दिया है।