दिव्य हिमाचल ब्यूरो — बिलासपुर
एम्स बिलासपुर के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। विभाग के विशेषज्ञों ने लगभग पूरी तरह से कट चुके एक मरीज के हाथ को हैंड रिवैस्कुलराइजेशन सर्जरी के माध्यम से सफलतापूर्वक बचा लिया। राज्य में इस तरह की यह पहली सफल सर्जरी बताई जा रही है। खेत में काम करने के दौरान तेजधार दराट से गंभीर रूप से घायल हुए मरीज को पहले कुल्लू अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एम्स बिलासपुर रैफर किया गया। मरीज के एम्स बिलासपुर पहुंचते ही चिकित्सा दल ने बिना देरी किए उसे स्थिर किया और आपातकालीन सर्जरी की तैयारी शुरू कर दी। चोट इतनी गंभीर थी कि हाथ में रक्त प्रवाह प्रभावित हो गया था।
बहु-विषयक चिकित्सा टीम ने करीब सात घंटे तक आपरेशन किया। सर्जरी के दौरान हड्डियों को दोबारा जोड़ा गया। इसके साथ ही कटी हुई धमनियों, नसों और टेंडन की सूक्ष्म स्तर पर मरम्मत की गई, ताकि हाथ में दोबारा रक्त संचार स्थापित हो सके और उसकी कार्यक्षमता को बचाया जा सके। सर्जरी का नेतृत्व डा. नवनीत शर्मा ने किया। सफल आपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। चिकित्सकों की निगरानी और उपचार के बाद मरीज को दसवें दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डा. नवनीत शर्मा ने कहा कि इस तरह की आपात स्थिति में घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द ऐसे अस्पताल पहुंचाना चाहिए, जहां इस प्रकार की जटिल सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो।