एच1एन1 को लेकर हिमाचल भी अलर्ट पर, केंद्र सरकार ने राज्यों को दिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश

अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

देश के कई हिस्सों में एच1एन1 और मौसमी इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सर्विलांस बढ़ाने, मामलों में असामान्य वृद्धि और क्लस्टर की तुरंत पहचान करने और संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने को कहा है। केंद्र ने अस्पतालों को भी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। इनमें बेड, आईसीयू और क्रिटिकल केयर सुविधा, ऑक्सीजन सपोर्ट, वेंटिलेटर, दवाइयों और जांच की उपलब्धता की समीक्षा करना शामिल है।

लोगों को हाथों की स्वच्छता और रेस्पिरेटरी हाइजीन के बारे में जागरूक किया जाए। लगातार/गंभीर सांस संबंधी लक्षण, सांस लेने में परेशानी या अन्य चेतावनी वाले लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सीय सलाह लेने को कहा गया है। 24 अगस्त तक एच1एन1 के मामले दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में सामने आए हैं। दिल्ली में इस साल अब तक 1,777 एच1एन1 मामले रिपोर्ट किए गए हैं, जबकि यूपी में 337 से अधिक मामले सामने आने की जानकारी है। महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी बड़ी संख्या में मामले रिपोर्ट किए गए हैं।

नया स्ट्रेन नहीं, मौसमी इन्फ्लूएंजा

एच1एन1 को लेकर राहत की बात यह है कि आईसीएमआर के अनुसार भारत में एच1एन1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है। मौजूदा मामले पहले से ज्ञात सीजनल इन्फ्लूएंजा-ए से जुड़े हैं। विशेषज्ञों ने इसे मौसमी इन्फ्लूएंजा की गतिविधि का हिस्सा बताया है और लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।

—आंचल चौहान