हिमोग्लोबिन रेड ब्लड सैल्स में आयरन से भरपूर प्रोटीन होता है जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाता है। कम हिमोग्लोबिन आयरन की कमी, विटामिन की कमी, खून की कमी और कई मेडिकल कंडीशन से जुड़ा हो सकता है। बैलेंस्ड डाइट के साथ, पूरे न्यूट्रीशन को सपोर्ट करने के लिए डाइट में कुछ न्यूट्रीएंट्स से भरपूर जूस शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि, सिर्फ जूस से गंभीर एनीमिया का इलाज नहीं हो सकता है और जिस किसी का भी लगातार कम हिमोग्लोबिन है, उसे डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए और असली कारण का पता लगाना चाहिए।
चुकंदर का जूस
खून की सेहत को बेहतर बनाने के लिए चुकंदर उन लोगों के लिए एक पॉपुलर ऑप्शन है। इसमें फोलेट और दूसरे न्यूट्रीएंट्स होते हैं, हालांकि यह आयरन का मुख्य सोर्स नहीं है। आप चुकंदर को थोड़ी सी गाजर के साथ मिलाकर बिना ज्यादा चीनी मिलाए पी सकते हैं।
कब लें-इसे नाश्ते के साथ या सुबह के बीच में ड्रिंक के तौर पर लिया जा सकता है। अगर इससे पाचन में दिक्कत होती है, तो इसकी मात्रा कम करें या इसे न पिएं।
आंवला जूस
आंवला में विटामिन सी भरपूर होता है, जो शरीर को पौधों से मिलने वाले नॉन-हीम आयरन को आब्जर्व करने में मदद कर सकता है। इसलिए आंवला जूस आयरन
से भरपूर खाने के साथ लेना फायदेमंद होता है।
कब पिएं-प्लांट बेस्ड आयरन वाले खाने के साथ या बाद में थोड़ी सी सर्विंग ली जा सकती है। ज्यादा चीनी न डालें।
संतरे का जूस
संतरे का जूस विटामिन सी का एक और अच्छा सोर्स है। विटामिन सी बीन्स, दाल और पत्तेदार सब्जियों जैसे खाने से मिलने वाले आयरन के आब्जर्वेशन को बेहतर बना सकता है।
कब पिएं-आयरन से भरपूर खाने के साथ एक छोटा गिलास पीना, इसे अलग से पीने से ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। ताजा जूस बिना मीठा के पीना चाहिए।
अनार का जूस
अनार में एंटीऑक्सीडेंट और कई माइक्रोन्यूट्रीएंट्स होते हैं। हालांकि इसे आमतौर पर ‘खून बढ़ाने वाला’ ड्रिंक कहा जाता है, लेकिन अनार का जूस अकेले आयरन की कमी वाले एनीमिया का भरोसेमंद इलाज नहीं है। बैलेंस्ड डाइट के हिस्से के तौर पर थोड़ी मात्रा में लें।
मेवे और बीज
बादाम, अखरोट और चिया बीज सहित मेवे और बीज आयरन, फोलेट और आवश्यक फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो स्वस्थ रक्त स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं।
कद्दू के बीज
कद्दू के बीज आयरन, जिंक और मैगनीशियम का समृद्ध स्रोत हैं, जो हिमोग्लोबिन उत्पादन के लिए आवश्यक हैं।
पालक
पालक में आयरन, विटामिन सी और फोलेट प्रचुर मात्रा में होता है, जो इसे हिमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने वाला एक शक्तिशाली खाद्य पदार्थ बनाता है।
बेहतर नतीजे कैसे पाएं
सिर्फ जूस पीना ही जरूरी नहीं है, बल्कि आयरन वाली खाने की चीजों को विटामिन सी वाली खाने की चीजों के साथ मिलाना भी जरूरी है। अपनी पसंद के हिसाब से हरी पत्तेदार सब्जियां और फोर्टिफाइड अनाज जैसे खाने की चीजें शामिल करें। खाने के आसपास चाय और कॉफी पीने से आयरन का आब्जर्वेशन कम हो सकता है, इसलिए इन ड्रिंक्स और आयरन वाली खाने की चीजों के बीच थोड़ा गैप रखना बेहतर है। अगर आपको लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ या स्किन का पीला पडऩा जैसे लक्षण हैं, तो सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें। ब्लड टेस्ट से पता चल सकता है कि हिमोग्लोबिन कम है या नहीं और इसका कारण पता लगाने में मदद मिल सकती है। आयरन सप्लीमेंट्स तभी लेने चाहिए जब मेडिकली सही हों और बताई गई डोज में ही लें। एनीमिया वाले लोगों को खास इलाज की जरूरत हो सकती है। इसलिए अगर आपका हिमोग्लोबिन कम है, तो किसी हैल्थ केयर प्रोफेशनल से सलाह लें।