आस्था

मोहिनी एकादशी का व्रत वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है। पुराणों के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी मोहिनी है। इस व्रत को करने से निंदित कर्मों के पाप से छुटकारा मिल जाता है तथा मोह बंधन एवं पाप समूह नष्ट होते हैं। सीता की खोज करते समय भगवान श्रीराम

-गतांक से आगे… स्वयम्भू-पुष्प-निलया स्वयम्भू-पुष्प-वासिनी। स्वयम्भू-कुसुम-स्निग्धा स्वयम्भू-कुसुमात्मिका।। 131।। स्वयम्भू-पुष्प-कारिणी स्वयम्भू-पुष्प-पाणिका। स्वयम्भू-कुसुम-ध्याना स्वयम्भू-कुसुम-प्रभा।। 132।। स्वयम्भू-कुसुम-ज्ञाना स्वयम्भू-पुष्प-भोगिनी। स्वयम्भू-कुसुमोल्लासा स्वयम्भू-पुष्प-वर्षिणी।। 133।। स्वयम्भू-कुसुमोत्साहा। स्वयम्भू-कुसुमोन्मादा स्वयम्भू पुष्प-सुन्दरी।। 134।। स्वयम्भू-कुसुमाराध्या स्वयम्भू-कुसुमोद्भवा। स्वयम्भू-कुसुम-व्यग्रा स्वयम्भू-पुष्प-पूर्णिता।। 135।। स्वयम्भू-पूजक-प्रज्ञा स्वयम्भू-होतृ-मातृका। स्वयम्भू-दातृ-रक्षित्री स्वयम्भू-रक्त-तारिका।। 136।। स्वयम्भू-पूजक-ग्रस्ता स्वयम्भू-पूजक-प्रिया। स्वयम्भू-वन्दकाधारा स्वयम्भू-निन्दकान्तका।। 137।। स्वयम्भू-प्रद-सर्वस्वा स्वयम्भू-प्रद-पुत्रिणी। स्वम्भू-प्रद-सस्मेरा स्वयम्भू-प्रद-शरीरिणी।। 138।। सर्व-कालोद्भव-प्रीता सर्व-कालोद्भवात्मिका। सर्व-कालोद्भवोद्भावा सर्व-कालोद्भवोद्भवा।। 139।। कुण्ड-पुष्प-सदा-प्रीतिर्गोल-पुष्प-सदा-रतिः। कुण्ड-गोलोद्भव-प्राणा कुण्ड-गोलोद्भवात्मिका।। 140।।

हिंदू धर्म में मंदिरों का बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान है। इन मंदिरों में ओडिशा प्रांत के प्रसिद्ध शहर पुरी के नजदीक बने साक्षी गोपाल मंदिर का नाम भी उल्लेखनीय है। यह मंदिर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से लगभग 50 किमी. तथा जगन्नाथ पुरी से 15 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर के बारे

इस वर्ष यह जयंती 19 मई को मनाई जाएगी। गंगा जयंती के शुभ अवसर पर गंगा जी में स्नान करने से सात्विकता और पुण्यलाभ प्राप्त होता है। वैशाख शुक्ल सप्तमी का दिन संपूर्ण भारत में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह तिथि पवित्र नदी गंगा के पृथ्वी पर आने का पर्व है

वैशाख शुक्ल अष्टमी को देवी बगलामुखी का अवतरण दिवस कहा जाता है, जिस कारण इसे मां बगलामुखी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह जयंती 20 मई को मनाई जाएगी। बगलामुखी जयंती पर्व देश भर में धूमधाम से मनाया जाता है। मां बगलामुखी का एक नाम पीतांबरा भी है। इन्हें पीला रंग

सद्गुरु  जग्गी वासुदेव मैं जब नेता की बात करता हूं तो ये जरूरी नहीं है कि वो किसी राष्ट्र का प्रमुख हो या लोगों के किसी बड़े समूह का नेता हो। अगर आप एक परिवार चला रहे हैं तो भी आप नेता हैं, हैं कि नहीं? तो, जो भी किसी और जीवन की जिम्मेदारी ले

श्रीराम शर्मा आज के समय में मनुष्य के बाहर भीतर शांति तथा सुव्यवस्था स्थापित करने के लिए आध्यात्मिक प्रयास ही सार्थक हो सकते हैं। श्रद्धा, भावना, तत्परता एवं गहराई इन्हीं में समाहित है। हर मानव का धर्म, सामान्य से ऊपर, वह कर्त्तव्य है, जिसे अपनाकर लौकिक, आत्मिक उत्कर्ष के मार्ग प्रशस्त हो जाते हैं। धर्म

16 मई रविवार, ज्येष्ठ, शुक्लपक्ष, चतुर्थी 17  मई सोमवार, ज्येष्ठ, शुक्लपक्ष, पंचमी, शंकराचार्य जयंती 18 मई मंगलवार, ज्येष्ठ, शुक्लपक्ष, षष्ठी, श्री गंगा जयंती 19 मई बुधवार, ज्येष्ठ, शुक्लपक्ष, सप्तमी 20 मई बृहस्पतिवार, ज्येष्ठ, शुक्लपक्ष, अष्टमी, जानकी जयंती 21 मई शुक्रवार, ज्येष्ठ, शुक्लपक्ष, नवमी 22 मई शनिवार, ज्येष्ठ, शुक्लपक्ष, दशमी, मोहिनी एकादशी व्रत (स्मार्त)

श्रीश्री रवि शंकर मनुष्य जीवित या मृत दोनों रूपों से पृथ्वी को प्रदूषित कर रहा है। कौन इस पृथ्वी को प्रदूषण से बचा सकता है? केवल जाग्रत मनुष्य, जिसके ज्ञान चक्षु खुल गए हों, जिसमें समझने की सामर्थ्य हो और जो धरती मां का आदर करता हो। किसी जड़ पदार्थ को आदर  देने के लिए