आस्था

अनंत चतुर्दशी का व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है। इस व्रत में अनंत के रूप में भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा होती है। अनंत चतुर्दशी के दिन पुरुष दाहिने हाथ में तथा नारियां बाएं हाथ में अनंत धारण करती हैं। अनंत कपास या रेशम के धागे से बने

20 सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्त्व है। इसमें पितरों का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि पितृ प्रसन्न होने पर जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करते हैं और जीवन में सुख समृद्धि प्रदान करते हैं। पितृपक्ष में गया जिले में मेले का आयोजन

-गतांक से आगे… दै भीमहिं तृण चीर सहारा। जरासिंधु राक्षस कहं मारा॥ असुर बकासुर आदिक मारयो। भक्तन के तब कष्ट निवारयो॥ दीन सुदामा के दुख टारयो। तंदुल तीन मूंठ मुख डारयो॥ प्रेम के साग विदुर घर मांगे। दुर्योधन के मेवा त्यागे॥ लखी प्रेम की महिमा भारी। ऐसे श्याम दीन हितकारी॥ भारत के पारथ रथ हांके।

हिमाचल प्रदेश में देवी-देवताओं का वास होने के कारण देवभूमि के नाम से जाना जाता है। ऐसा ही एक मंदिर हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की तहसील जवाली के गांव ठेहडू में स्थित है, जिसे ठेरे वाली माता के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर लब-जौंटा मार्ग पर स्थित है। पठानकोट-मंडी नेशनल हाई-वे पर

मुंबई के प्रभादेवी में स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर देश में स्थित सबसे पूजनीय मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है। मुंबई स्थित सिद्धिविनायक मंदिर का निर्माण 1801 में लक्ष्मण विठू और देऊबाई पाटिल द्वारा करवाया गया। इस मंदिर में गणपति का दर्शन करने सभी धर्म और जाति के लोग आते

श्रीराम शर्मा साधना का दूसरा पक्ष उत्तरार्ध, उपासना है। विविध शारीरिक और मानसिक क्रिया कृत्य इसी प्रयोजन के लिए पूरे किए जाते हैं। शरीर से व्रत, मौन, अस्वाद, ब्रह्मचर्य, तीर्थयात्रा, परिक्रमा, आसन, प्राणायाम, जप, कीर्तन,पाठ, बंध, मुद्राएं, नेति, धौति, बस्ति, नौलि, बज्रोली, कपालभाति जैसे क्रियाकृत्य किए जाते हैं। मानसिक साधनाओं में प्रायः सभी चिंतन परक

सूर्य नमस्कार एक संपूर्ण शरीर की कसरत है। जिसमें आपका शरीर न केवल टोन होता है, बल्कि मांसपेशियों में कसाव भी आता है। इस कसरत को करने के लिए न किसी उपकरण की जरूरत है न ही ज्यादा जगह की। इसे हर उम्र के व्यक्ति के लिए फायदेमंद माना गया है और कोई विशेष समय

ओशो मन, बुद्धि,चित्त, अहंकार, ये क्या अलग-अलग हैं? ये अलग-अलग नहीं हैं, ये मन के ही बहुत चेहरे हैं। जैसे कोई हमसे पूछे कि बाप अलग है, बेटा अलग है, पति अलग है, तो हम कहें कि नहीं, वह आदमी तो एक ही है। लेकिन किसी के सामने वह बाप है और किसी के सामने

थाइराइड में बॉडी सही तरह से ऊर्जा खर्च नहीं कर पाती, तो तेजी से वजन बढ़ने या घटने लगता है। साथ ही मरीज के हार्ट, मस्सल्स, हड्डियों पर भी थाइराइड की समस्या का बुरा असर पड़ता है। वक्त रहते इस बीमारी का पता चल जाए, तो इसे आसानी से काबू किया जा सकता है… थाइराइड