ताले वाली माता मंदिर

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बंगाली मोहल्ले में एक ऐसा मंदिर है, जहां भक्त अपनी मनोकामना के लिए ताला चढ़ाते हैं। मनोकामना पूरी होने पर ताला खोलकर ले जाते हैं। वर्तमान में मंदिर में सैकड़ों ताले लगे हैं। मंदिर में माता काली विराजमान…

संध्या करने से थकान काफूर हो जाती है

संध्या में प्राणायाम, उपासना, आसन, जप, देव-वंदना, दिग्बंधन तथा मोचनादि कई बातों का अंतर्भाव रहता है। संध्या करने से दिनभर की थकान काफूर हो जाती है। अलग-अलग पंथों, संप्रदायों और शाखाओं के अनुसार संध्या करने के भेद भले ही अलग हों, लेकिन उन…

संघर्ष या समर्पण

ओशो जीवन जीने के दो ढंग हैं। एक ढंग है संघर्ष का, एक ढंग है समर्पण का। संघर्ष का अर्थ है मेरी मर्जी समग्र की मर्जी से अलग। समर्पण का अर्थ है, मैं समग्र का एक अंग हूं। मेरी मर्जी के अलग होने का कोई सवाल नहीं। मैं अगर अलग हूं, संघर्ष…

सकारात्मक सोच

सद्गुरु जग्गी वासुदेव सारी दुनिया में बहुत सारे लोग सकारात्मक सोच के बारे में बात करते हैं। जब आप सकारात्मक सोच की बात कर रहे हैं, तो एक अर्थ में आप वास्तविकता से दूर भाग रहे हैं। आप जीवन के सिर्फ एक पक्ष को देखना चाहते हैं और…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं महाभारत के पात्र

उन्होंने त्रेतायुग में रामावतार के समय शिवजी का धनुष भंग होने पर आकाश-मार्ग द्वारा मिथिलापुरी पहुंच कर प्रथम तो स्वयं को ‘विश्व-विदित क्षत्रिय कुल द्रोही’ बताते हुए ‘बहुत भांति तिन्ह आंख दिखाए’ और क्रोधांध हो ‘सुनहु राम जेहि शिवधनु तोरा,…

तिब्बत में छिपा है तंत्र ज्ञान

मैं उसके सामने खड़ा मौन ही रह गया। फिर उसको ध्यान में लगे हुए देख कुछ भी पूछना उचित न लगा। अपनी इस लंबी रोमांचक यात्रा में मुझे इस प्रकार के बहुत-से लामा मिले थे, पर जितना तेज उस वृद्ध लामा के चेहरे पर था, वैसा तेज किसी के चेहरे पर न देखा…

विवाद से परे है ईश्वर का अस्तित्व

विवेक जाग्रत हो और विषय भोगों की निरर्थकता एवं उनकी हानियों को गहराई से समझ लिया जाए तो इन हारमोनों का प्रवाह सहज ही कुंठित हो जाता है। इसी प्रकार वियोग, विश्वासघात, अपमान जैसे आघात अंतःकरण की गहराई तक चोट पहुंचा दें तो युवावस्था में भी भले…

जीवन का ध्येय

श्रीश्री रवि शंकर यदि कोई व्यक्ति दुष्भावना से झूठ बोलता है, तो उसका असर उसके कार्य पर भी पड़ता है। उसके कार्य में भी दोष आ जाएगा। तुम समझ रहे हो न? इसे ऐसे समझें कि कोई व्यक्ति गलती करता है और तुम उसकी गलती के कारण क्रोधित हो उठते हो, तो…

स्वामी जी की शिक्षा

स्वामी विवेकानंद गतांक से आगे... उनका यह भी कहना था कि लोकचार की निंदा न करके सब प्रिय लगने वाली बातें ही व्याख्यानों में कही जाएं। लेकिन उन्हें ंयह नहीं मालूम था कि भारतीय संन्यासी किसी और धातु का ही बना है। उन्होंने किसी की भी एक बात…

सोलह की उम्र में शहनाज दुल्हन बन गईं

सौंदर्य के क्षेत्र में शहनाज हुसैन एक बड़ी शख्सियत हैं। सौंदर्य के भीतर उनके जीवन संघर्ष की एक लंबी गाथा है। हर किसी के लिए प्रेरणा का काम करने वाला उनका जीवन-वृत्त वास्तव में खुद को संवारने की यात्रा सरीखा भी है। शहनाज हुसैन की बेटी नीलोफर…

जीवन में परिवर्तन

बाबा हरदेव इस जगत में दो ही तरह के परिवर्तन हैं। एक परिवर्तन है जो स्थान में घटित होता है और दूसरा वह परिवर्तन है, जो काल में घटित होता है। उदाहरण के तौर पर एक व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाता है, तो दो प्रकार के परिवर्तन घटित होते…

व्रत एवं त्योहार

19 जनवरी रविवार, माघ, कृष्णपक्ष, दशमी 20 जनवरी सोमवार, माघ, कृष्णपक्ष, एकादशी, षटतिला एकादशी व्रत 21 जनवरी मंगलवार, माघ, कृष्णपक्ष, द्वादशी, तिल द्वादशी 22 जनवरी बुधवार, माघ, कृष्णपक्ष, त्रयोदशी, प्रदोष व्रत 23 जनवरी…

सराय

जेन कहानियां एक पसिद्ध जेन गुरु राजमहल के द्वार पर आए। कोई प्रहरी उन्हें रोक नहीं पाया और वे सीधे दरबार में जो पहुंचे। आपको क्या चाहिए? राज सिंहासन पर बैठे राजा ने पूछा। मुझे इस सारय में सोने की जगह चाहिए। जेन गुरु ने कहा। यह सराय नहीं…

तंत्र का इतिहास बहुत प्राचीन है

योग तथा तंत्र दोनों, अध्यात्मिक चक्रों की शक्ति को विकसित करने की विभिन्न पद्धतियों के बारे में बताते हैं। हठयोग और ध्यान उनमें से एक है। विज्ञान भैरव तंत्र, जो कि 112 ध्यान की वैज्ञानिक पद्धति है, भगवान शिव ने देवी पार्वती को बताई है।…

ज्ञान का अभाव

श्रीराम शर्मा ज्ञान और विज्ञान यह दोनों सहोदर भाई हैं। ज्ञान अर्थात चेतना को मानवी गरिमा के अनुरूप चिंतन तथा चरित्र के लिए आस्थावान बनने तथा बनाने की प्रक्रिया। यदि ज्ञान का अभाव हो तो मनुष्य को भी अन्य प्राणियों की भांति स्वार्थ परायण…