आस्था

नर्मदा जयंती मां नर्मदा के जन्मदिवस यानी माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनायी जाती है। नर्मदा जयंती मध्य प्रदेश राज्य के नर्मदा नदी के तट पर मनायी जाती है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को शास्त्रों में नर्मदा जयंती कहा गया है। नर्मदा अमरकंटक से प्रवाहित होकर रत्नासागर में

दूनागिरि का यह मंदिर उत्तराखंड की वैष्णो देवी शक्ति पीठ माना जाता है। दूनागिरि मंदिर समुद्र तल से आठ हजार फुट की ऊंचाई पर है। द्रोणगिरि पर्वतमाला की तलहटी पर सडक़ मार्ग से 365 सीढिय़ां चढक़र दूनागिरि मंदिर तक पहुंचा जाता है। दूनागिरि की सीढिय़ों के रास्ते में सैकड़ों घंटे लगे हुए है। मंदिर से

कलियुग में भगवान हनुमान जी को बिगड़ी तकदीर बनाने वाला देवता अगर बोला जाए, तो यह बात गलत नहीं होगी। हनुमान जी के दर पर अगर कोई सच्चे दिल से और पूरी श्रद्धा से कोई चीज मांगता है, तो हनुमान जी अपने उस भक्त को कभी निराश नहीं करते। हनुमान जी के कलियुग में मौजूद

श्री गसोता महादेव मंदिर हमीरपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर हमीरपुर जिले से करीब 9 किलोमीटर दूर हमीरपुर जींद रोड पर बना हुआ है। यह मंदिर 400 साल पुराना है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग के दर्शन किए जाते हैं। जिला हमीरपुर के गसोता महादेव

29 जनवरी रविवार, माघ, शुक्लपक्ष, अष्टमी, भीष्माष्टमी 30 जनवरी सोमवार, माघ, शुक्लपक्ष, नवमी, गुप्त नवरात्र समाप्त 31 जनवरी मंगलवार, माघ, शुक्लपक्ष, दशमी 1 फरवरी बुधवार, माघ, शुक्लपक्ष, एकादशी, जया एकादशी व्रत 2 फरवरी गुरुवार, माघ, शुक्लपक्ष, द्वादशी, तिल द्वादशी 3 फरवरी शुक्रवार, माघ, शुक्लपक्ष, त्रयोदशी, प्रदोष व्रत 4 फरवरी शनिवार, माघ, शुक्लपक्ष, चतुर्दशी

अब तो कम उम्र में भी यह समस्या गंभीर रूप में प्रकट होने लगी है। दरअसल व्यस्त जिंदगी, तनाव और अनियमित खान-पान का हमारे पाचन तंत्र पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसके चलते लोगों को पाचन तंत्र से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे कि गैस, छाती के नीचे दर्द, अपच, सिरदर्द,

-गतांक से आगे… इति श्रीराधिकानाथसहस्त्रं नाम कीर्तितम। स्मरणात्पापराशीनां खण्डनं मृत्युनाशनम।। 143।। वैष्णवानां प्रियकरं महारोगनिवारणम। ब्रह्महत्यासुरापानं परस्त्रीगमनं तथा।। 144।। परद्रव्यापहरणं परद्वेषसमन्वितम। मानसं वाचिकं कायं यत्पापं पापसम्भवम।। 145।। सहस्त्रनामपठनात्सर्व नश्यति तत्क्षणात। महादारिद्र्ययुक्तो यो वैष्णवो विष्णुभक्तिमान।। 146।। कार्तिक्यां सम्पठेद्रात्रौ शतमष्टोत्तर क्रमात। पीताम्बरधरो धीमासुगन्धिपुष्पचन्दनै:।। 147।। पुस्तकं पूजयित्वा तु नैवेद्यादिभिरेव च। राधाध्यानाडिक़तो धीरो वनमालाविभूषित:।। 148।। शतमष्टोत्तरं देवि पठेन्नामसहस्त्रकम। चैत्रशुक्ले च

मौसम बदलते ही बच्चों में एक समस्या सामान्य तौर पर देखी जाती है। उस समस्या का नाम है खांसी। वैसे आपको बता दें कि खांसी एलर्जी, वायरल संक्रमण या बैक्टीरियल जैसी कई स्थितियों का लक्षण हो सकता है। इसलिए इसका इलाज करना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि बच्चों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है।

कम्प्यूटर या लैपटाप पर बैठकर काम करना हो या फाइल वर्क करना हो, कोई भी आफिस वर्क हो या लिखाई-पढ़ाई का काम अधिकांश कामों में गर्दन झुकाकर काम करने की जरूरत पड़ती है। लेकिन कई बार अत्यधिक तनाव और अनावश्यक प्रेशर के कारण गर्दन में दर्द या उससे संबंधित समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं, जो