श्री गोरख महापुराण

मछेंद्रनाथ के शब्द सुन हनुमान जी को बड़ा ही गुस्सा आया और ऊंची उड़ान भर एक तरफ को गए और विकट रूप धारण किया, जिससे मछेंद्रनाथ को कोई भेद ही न मालूम हो। उन्होंने मछेंद्रनाथ के ऊपर सात पर्वत फेंके जिन्हें बादलों के समान गरजते हुए जोरों से आते…

आनंद की अवस्था

बाबा हरदेव अध्यात्म में भक्ति-शास्त्र का अध्ययन नहीं हो सकता। मानो भक्ति सोच-विचार और केवल ‘चिंतन’ का विषय नहीं है। उदाहरण के तौर पर हम किसी बागीचे में एक फूल को देख रहे हैं और सोचते हैं कि ये फूल गुलाब का है, कि जूही का है कि चंपा है, कि…

विवाद से परे है ईश्वर का अस्तित्व

ईश्वर का अस्तित्व एक ऐसा विवादास्पद प्रश्न है, जिसके पक्ष और विपक्ष में एक से एक जोरदार तर्क-वितर्क दिए जा सकते हैं। तर्क से सिद्ध हो जाने पर न किसी का अस्तित्व प्रमाणित हो जाता है और ‘सिद्ध’ न होने पर भी न कोई अस्तित्व अप्रमाणित बन जाता…

हयग्रीव अवतार कथा

हयग्रीव भगवान विष्णु के अवतार थे, जैसा कि नाम से स्पष्ट है उनका सिर घोड़े का था और शरीर मनुष्य का। वे बुद्धि के देवता माने जाते हैं। ऋषि बोले, हे सूत जी! आप के यह आश्चर्यजनक वचन सुन कर हम सब के मन में अत्यधिक संदेह हो रहा है। सब के स्वामी…

मृत्युंजय जप कैसे करें

अर्थात तुम्हीं विश्वजननी मूलप्रकृति ईश्वरी हो, तुम्हीं सृष्टि की उत्पत्ति के समय आद्याशक्ति के रूप में विराजमान रहती हो और स्वेच्छा से त्रिगुणात्मिक बन जाती हो। हालांकि वस्तुतः तुम स्वयं निर्गुण हो, तथापि प्रयोजनवश सगुण हो जाती हो। तुम…

विष्णु पुराण

तत कुंभ च मीन व राशे राश्यंतरद्विज। त्रिषुवेतेस्वथ भुक्तेषु ततो वैषुवती गत्तिम। प्रयाति सबिता कुर्वन्नहोरात्रं ततः समम्। ततो रात्रिः क्षय योति वर्द्धतेऽनुदिन दिनम्। ततश्च मिधुनस्याते परां काष्ठामुपागतः। राशि कर्कटकं प्राप्य कुरुते…

गीता रहस्य

स्वामी रामस्वरूप भक्तया का अर्थ है भक्ति। इस प्रकार ईश्वर की विज्ञान, कर्म एवं उपासना के अभ्यास द्वारा सेवा करना अर्थात साधक इस प्रकार जब वेदानुकूल साधना करता है तो श्रीकृष्ण महाराज कह रहे हैं कि वह साधक ही सच्ची उपासना भक्ति करता है। इन…

न्याय और सत्य

स्वामी विवेकानंद गतांक से आगे... उनका उसूल था न्याय और सत्य के सामने वो हार न मानेगे और कभी नाइंसाफी को गले नहीं लगाएंगे। अदालत में मुकदमा चलने लगा। नरेंद्र के स्वर्गीय पिता विश्वनाथ बाबू के दोस्त प्रसिद्ध बैरिस्टर उमेश चंद्र…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं महाभारत के पात्र

अंगराज बनने के पश्चात कर्ण ने यह घोषणा की कि दिन के समय जब वह सूर्यदेव की पूजा करता है, उस समय यदि कोई उससे कुछ भी मांगेगा तो वह मना नहीं करेगा और मांगने वाला कभी खाली हाथ नहीं लौटेगा। कर्ण की इसी दानवीरता का महाभारत के युद्ध में इंद्र और…

ऊर्जा का स्तर

श्रीश्री रवि शंकर प्राचीन काल के स्वामी, साधु और लोग कहीं भी किसी भी किस्म की कलह सुनना पसंद नहीं करते थे। यदि उनके पास कोई भी आकर कोई भी शिकायत करता था, तो वे उनके कान पकड़ कर उनसे कहते थे कि तुम ही इससे निपटो। यदि आप समाधान का हिस्सा हो,…

दोनों भौंहों के बीच है आज्ञा चक्र

इसका स्थान दोनों भौंहों के बीच में है। शरीर का नियंत्रक चित्त इसी चक्र के भीतर निवास करता है। ईश्वरीय आज्ञाएं तथा प्रकृति प्रदत्त प्रेरणाएं इसी को मिलती हैं। फिर यह तदनुसार शरीर-रक्षा के लिए इंद्रियों को आज्ञा देता है। पैर में चुभे काटों की…

आर्ट का ध्यान से संबंध

ओशो आर्ट को दो भागों में बांटा जा सकता है। 99 प्रतिशत आर्ट सब्जेक्टिव आर्ट है। केवल एक प्रतिशत आर्ट ऑब्जेक्टिव आर्ट है। 99 प्रतिशत सब्जेक्टिव आर्ट का ध्यान से कोई संबंध नहीं है। केवल एक प्रतिशत ऑब्जेक्टिव आर्ट ध्यान पर आधारित होते हैं।…

जब नसीरुल्ला बेग उलझन में पड़ गए…

सौंदर्य के क्षेत्र में शहनाज हुसैन एक बड़ी शख्सियत हैं। सौंदर्य के भीतर उनके जीवन संघर्ष की एक लंबी गाथा है। हर किसी के लिए प्रेरणा का काम करने वाला उनका जीवन-वृत्त वास्तव में खुद को संवारने की यात्रा सरीखा भी है। शहनाज हुसैन की बेटी नीलोफर…

अनमोल वचन

* उस मनुष्य की ताकत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता, जिसके पास सब्र की ताकत है * अगर व्यक्ति अपनी पूरी लगन के साथ कोई काम करता है, तब उसे कभी हार का मुंह नहीं देखना पड़ता * अगर हम जिंदगी में कमजोर बनकर रहेंगे, तो कठिनाइयां सबसे पहले हमारे ऊपर…

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम्

-गतांक से आगे... युगप्रवर्तिका प्रोक्ता त्रिसन्ध्या ध्येयविग्रहा। स्वर्गापवर्गदात्री च तथा प्रत्यक्षदेवता।। 136।। आदित्या दिव्यगन्धा च दिवाकरनिभप्रभा। पद्मासनगता प्रोक्ता खड्गबाणशरासना।। 137।। शिष्टा विशिष्टा शिष्टेष्टा…