‘मैं दलित हूं, मेरा अपमान हुआ’, खड़गे ने राज्यसभा में उठाया मंच के शुद्धिकरण का मुद्दा, नड्डा बोले- कराएंगे जांच

नई दिल्ली। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्धानी में उनकी रैली के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ किये जाने का मुद्दा गुरुवार को सदन में उठाया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, वहीं सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने इसकी निंदा की और कहा कि इसकी तहकीकात कराई जाएगी। खड़गे ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि वह हल्द्धानी के रामलीला मैदान में रैली करने गए थे । रैली में लाखों लोग मौजूद थे और उन्होंने लोगों की समस्याओं पर बात की लेकिन बड़े दुख की बात है कि यह पता चला कि बाद में भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने हवन करके उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया।

उन्होंने कहा कि वह दलित हैं लेकिन वह एक संवैधानिक पद पर रहते हुए इस सदन के नेता विपक्ष हैं। इस पर जेपी नड्डा ने कहा कि यह दुखदायी विषय है और यह केवल कांग्रेस नहीं बल्कि पूरे देश का मामला है। उन्होंने कहा कि यह कहा गया है कि ये भाजपा के लोग थे। उन्होंने कहा कि भाजपा इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती और हम इसकी जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि भाजपा इसकी निंदा करती है और हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष यहां बैठे हैं वह भी इस मामले को देखेंगे। उन्होंने कहा कि आपकी भावनाओं को चोट पहुंची है उस पर हमें खेद हैं।

खड़गे ने कहा कि वह इसे इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते। उन्होंने कहा कि वह दलित हैं लेकिन कभी किसी के सामने गिड़गिड़ाए नहीं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका अपमान किया गया है। इस पर नेता सदन ने कहा कि वह पहले ही कह चुके हैं कि भाजपा इसका समर्थन नहीं करती, यह देश के लिए खेद का विषय है और इस मामले को सनसनीखेज न बनाएं। उन्होंने कहा, “मुझे भी उतना ही दुख है। हम इसकी जांच करेंगे। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। हम इनकी भावना का सम्मान करते हैं।”

खड़गे ने कहा कि वह मांग करते हैं कि यह काम करने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इस पर सभापति ने कहा कि देश में कोई भी अस्पृश्यता का समर्थन नहीं करता । सभी इसकी निंदा करते हैं । उन्होंने कहा कि वह सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस मामले की जांच कर दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।