छह सितंबर तक मौसम साफ होने के आसार कम
मंडी में 32 सडक़ें बंद, 256 लोगों की मौत, 1202 करोड़ का नुकसान
कार्यलय संवाददाता -शिमला
हिमाचल प्रदेश में अगस्त के आखिरी दिन बारिश ने फिर जोर पकड़ लिया। सोमवार को शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 76 सडक़ें बंद हो गईं। इसके अलावा पांच बिजली ट्रांसफार्मर और 72 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार छह सितंबर तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना नहीं है।मौसम विभाग ने दो सितंबर को शिमला, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। तीन सितंबर को कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी है। चार सितंबर को भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। पांच और छह सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सोमवार शाम तक मंडी जिले में 32 सडक़ें, कुल्लू में 16, चंबा में आठ और कांगड़ा में सात सडक़ें बंद थीं। अन्य जिलों में भी बारिश और भूस्खलन से सडक़ें प्रभावित हुई हैं। मंडी में पांच बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद हैं। पेयजल योजनाओं पर भी बारिश की मार पड़ी है। हमीरपुर में 37, सिरमौर के संगड़ाह में 24 और चंबा के भटियात में नौ पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
चुवाड़ी में 90 मिलीमीटर बारिश
बीते 24 घंटे के दौरान चंबा के चुवाड़ी में सबसे अधिक 90 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा में 70.4, बिलासपुर के मलरांव में 70, मंडी के जोगिंदरनगर में 70, सिरमौर के धौलाकुआं में 66, बिलासपुर के ब्राह्मणी में 62.2 और मंडी के मुरारी देवी में 61.4 मिलीमीटर बारिश हुई।बिलासपुर की नैना देवी में 60.8, शिमला में 59.8, ऊना के रायपुर मैदान में 48.4, सिरमौर के पांवटा साहिब में 45.4, शिमला के शिलारू में 45.2 और नाहन में 40.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
कालका-शिमला रेल सेवा लगातार दूसरे दिन बंद
बारिश का असर ऐतिहासिक कालका-शिमला हेरिटेज रेल लाइन पर भी पड़ा है। सोलन जिले में रेल ट्रैक के एक पुल के नीचे से मिट्टी धंसने के कारण इस मार्ग पर रेल सेवा लगातार दूसरे दिन भी बंद रही। रेलवे ने आगामी आदेश तक इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया है। सोमवार को भी इस रूट की ट्रेनें रद्द रहीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मानसून में 256 लोगों की मौत
इस मानसून सीजन में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश में अब तक 256 लोगों की मौत और 465 लोग घायल हो चुके हैं। तीन लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 151 लोगों की मौत सडक़ हादसों में हुई है, जबकि 105 लोगों की जान भूस्खलन, अचानक बाढ़, पानी में बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में गई है।बारिश और प्राकृतिक आपदाओं में 455 मवेशियों की भी मौत हुई है। प्रदेश में 102 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 438 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
अब तक 1202 करोड़ नुकसान
सरकार के आकलन के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश को करीब 1,202 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। इसमें अकेले लोक निर्माण विभाग का नुकसान करीब 914 करोड़ रुपये है।
—जय