Monsoon : हिमाचल में दो दिन से मौसम साफ, अब फिर सक्रिय होगा मानसून, भारी बारिश का अलर्ट

हिमाचल में अब धीमी पड़ी मॉनसून की रफ्तार

कार्यालय संवाददाता-शिमला

हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ती नजर आ रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में बहुत कम बारिश दर्ज की गई है और कई मैदानी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से मौसम अपेक्षाकृत साफ बना हुआ है। राजधानी शिमला में भी बीते दो दिनों से बारिश नहीं हुई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और राज्य के विभिन्न भागों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 19 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए येलो और ओरेंज अलर्ट घोषित किए हैं। 14 अगस्त को मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।

15 अगस्त को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और मंडी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 16 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट रहेगा। 17 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। बारिश की मात्रा में कमी के बावजूद कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के दौरान शिमला जिले के रोहड़ू में 22 मिलीमीटर और खदराला में 17 मिलीमीटर बारिश हुई। सोलन जिले के कसौली में 12 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

राज्य को 955 करोड़ का नुकसान

प्रदेश में चल और अचल संपत्ति को अब तक 955 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। विभिन्न विभागों को हुए नुकसान में लोक निर्माण विभाग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। विभाग को अकेले 717 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले एक सप्ताह तक मौसम की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की जरूरत होगी, क्योंकि राज्य में भारी बारिश का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।

—जय