वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
हिमाचल विधानसभा में राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रगीत की मांग करने के बाद जारी लड़ाई प्रिविलेज नोटिस तक आ गई है। बुधवार को सदन में शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने ये मामला उठाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा से जारी वीडियो में साफ हो गया है कि भाजपा के किसी विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया। मुख्यमंत्री ने जानबूझकर ये झूठ बोला और माफी भी नहीं मांगी। भाजपा इस पर कानूनी तौर पर भी अध्ययन करेगी और मानहानि का केस बनता होगा, तो हम आपराधिक मानहानि में हाई कोर्ट भी जाएंगे।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने सदन में हुए राष्ट्रीय गान का वीडियो जारी करने का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दस बार वीडियो को देखा और अपने विधायकों के साथ भी देखा कि अगर गलती से कहीं कोताही हुई होगी तो क्षमा मांगेंगे, लेकिन विपक्ष के सभी विधायकों ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय गान गाया। बावजूद इसके कांग्रेस ने विधानसभा के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया और पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करने का फैसला लिया।
सीएम सुक्खू बोले, अपमान पर जनता के बीच जाएंगे
मुख्यमंत्री सुक्खू ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि निश्चित तौर पर भाजपा ने राष्ट्रगान का अपमान किया है और उसको लेकर कांग्रेस जनता की अदालत में जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने गलती कर दी है और अब अपनी गलती को सुधारने के लिए तरह-तरह की बातें कर रही है। हम भी इनके खिलाफ प्रिविलेज नोटिस देंगे। उन्होंने कहा कि राष्टगीत और राष्ट्रगान कांग्रेस पार्टी की देन है।
नेगी बोले, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत पर सदन में चर्चा हो
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा ने राष्ट्रगान का अपमान किया है। भाजपा ने राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रगीत गाने को कहा। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे पर चर्चा करनी है, तो विपक्ष नियम 130 के तहत चर्चा करें, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। सदन में जिस समय पर जगत सिंह नेगी बोल रहे थे, उस समय विपक्ष ने सदन में उठकर नारेबाजी करना शुरू कर दी।