राष्ट्रीय आंकड़ों में खुलासा, हिमाचल में कम पढ़े-लिखे लोग ज्यादा कर रहे सुसाइड

 साल 2024 में हिमाचल प्रदेश में दसवीं तक शिक्षितों के आत्महत्या के मामले सबसे ज्यादा

कार्यालय संवाददाता-पालमपुर

वर्ष 2024 में शिक्षा के स्तर के अनुसार आत्महत्याओं के आंकड़ों में हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक मामले मैट्रिक और माध्यमिक स्तर तक शिक्षित लोगों के वर्ग में सामने आए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हिमाचल में इस श्रेणी में 273 आत्महत्याएं दर्ज हुई। इसके बाद उच्च माध्यमिक यानी 12वीं तक शिक्षित वर्ग में 237, मध्य स्तर पर 120, प्राथमिक स्तर पर 65 और बिना शिक्षा वाले वर्ग में 41 मामले दर्ज किए गए।

उच्च शिक्षा से जुड़े वर्गों में हिमाचल में स्नातक स्तर पर 47, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट स्तर पर 18 तथा आगे की उच्च शिक्षा वाली श्रेणी में 6-6 मामले दर्ज हुए। इस तरह शिक्षा के विभिन्न स्तरों को मिलाकर हिमाचल में कुल 813 आत्महत्याएं दर्ज हुई। आंकड़ों से स्पष्ट है कि हिमाचल में शिक्षा के स्तर के अनुसार आत्महत्याओं का सबसे बड़ा हिस्सा माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर से जुड़ा है। वहीं महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में लगभग सभी प्रमुख शैक्षणिक श्रेणियों में संख्या अधिक है।

माध्यमिक स्तर पर महाराष्ट्र सबसे आगे

शिक्षा के स्तर के आधार पर राज्यों की तुलना करने पर बड़े राज्यों में महाराष्ट्र में माध्यमिक स्तर तक शिक्षित लोगों में सबसे अधिक 7,590 आत्महत्याएं दर्ज हुईं। इसके बाद तमिलनाडु में 5,325, कर्नाटक में 3,417, मध्य प्रदेश में 3,302, आंध्र प्रदेश में 1,919, गुजरात में 2,054 और उत्तर प्रदेश में 1,966 मामले रहे। उच्च माध्यमिक स्तर पर भी महाराष्ट्र पांच,124 मामलों के साथ सबसे ऊपर रहा। तमिलनाडु में 3,299, मध्य प्रदेश में 2,656, उत्तर प्रदेश में 2,124, कर्नाटक में 2,037, तेलंगाना में 1,935 और गुजरात में 1,681 मामले दर्ज हुए। हिमाचल में इस स्तर पर 237 मामले रहे।

मध्य स्तर में तमिलनाडू में ज्यादा केस

मध्य स्तर की शिक्षा वाले लोगों में तमिलनाडु में 3155, महाराष्ट्र में 2776, मध्य प्रदेश में 2631, कर्नाटक में 2369, गुजरात में 1,374, आंध्र प्रदेश में 1074 और ओडिशा में 1125 आत्महत्याएं दर्ज हुईं। जबकि हिमाचल में इस वर्ग में 120 मामले दर्ज किए गए। प्राथमिक स्तर पर भी यही अंतर दिखाई देता है। महाराष्ट्र में 2776, मध्य प्रदेश में 2631, कर्नाटक में 2369, तमिलनाडु में 1,469, छत्तीसगढ़ में 1469, गुजरात में 1,374 और केरल में 1377 मामले दर्ज हुए, जबकि हिमाचल में यह संख्या 65 रही। बिना शिक्षा वाले वर्ग में महाराष्ट्र में 1358, तमिलनाडु में 1483, मध्य प्रदेश में 1715, कर्नाटक में 1274, आंध्र प्रदेश में 1,250, तेलंगाना में 2962 और गुजरात में 917 मामले दर्ज हुए। हिमाचल में बिना शिक्षा वाले वर्ग में 41 मामले सामने आए।