कांग्रेस जिला अध्यक्ष और प्रभारियों की बैठक में अध्यक्ष विनय कुमार ने दी नसीहत
जिला और ब्लॉक कमेटियों की हर माह के पहले 10 दिन में बैठक करने के दिए निर्देश
जिला, ब्लॉक, बूथ, पंचायत जोन समितियां 30 अगस्त तक गठित करने की डेडलाइन
वरिष्ठ संवाददाता-शिमला
संगठन के लिए समय न देने वाले पदाधिकारियों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रेड सिगनल दिखा दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ऐसे पदाधिकारियों को नसीहत दी है कि वे स्वेच्छा से अपने पद छोड़ दें। इसके अलावा जिला और ब्लॉक की बैठकों में उपस्थिति दर्ज न करवाने वाले प्रभारियों को एआईसीसी के निर्देशों के तहत पदमुक्त भी किया जाएगा और सक्रिय नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाएगी। इसके अलावा पीसीसी ने जिला, ब्लाक, बूथ, पंचायत और जोन स्तर पर समितियों के गठन के लिए 30 अगस्त की डेडलाइन तय की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के तहत गुरुवार को जिला अध्यक्षों और प्रभारियों के कामकाज की समीक्षा बैठक पार्टी प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने की, जबकि कांग्रेस प्रदेश मामलों के सह प्रभारी विदित चौधरी और संगठन महासचिव विनोद जिंटा भी इस दौरान मुख्य रूप से मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने जिला अध्यक्षों व पीसीसी के जिला व ब्लॉक प्रभारियों को सख्त हिदायत दी है कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे उन्हें पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करना होगा।
प्रदेश संगठन महामंत्री विनोद जिंटा ने कहा कि पीसीसी जिला व ब्लॉकों के कामकाज पर पूरी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों में संगठन की बैठकें या अन्य कार्यक्रम सही ढंग से आयोजित नहीं हो रहे हैं। लिहाजा उन्होंने ऐसे पदाधिकारियों को भी इस बैठक में साफ चेतावनी दे दी गई है। उन्होंने बैठक में सभी अध्यक्षों को साफ कहा है कि हर महीने पहली से 10 तारीख के बीच हर जिला व ब्लॉक कांग्रेस की बैठकें आवश्यक तौर पर हों। इसके अलावा इन बैठकों में जिला और ब्लॉक प्रभारियों की उपस्थिति भी अनिवार्य रहेगी। उन्होंने साफ किया कि पीसीसी के जिला प्रभारियों को कम से कम 15 दिन संगठन के कार्यो, बैठकों के लिए देने होंगे। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रदेश मामलों के प्रभारी विदित चौधरी ने संगठन के कार्यों को समय न दे पाने वाले पदाधिकारियों को चेतावनी दे दी है कि 30 अगस्त तक सभी जिला, ब्लॉक, बूथ, पंचायत व जोन समितियां हर हाल में गठित हो जानी चाहिए।