होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- जलडमरूमध्य चला रहा अमरीका, ईरान का कोई नियंत्रण नहीं

मैरीलैंड। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान पर भरोसा नहीं करते हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमरीका का पूरा नियंत्रण है। ट्रंप ने यहां संवाददाताओं से कहा, “मुझे ईरान पर भरोसा नहीं है। आप ऐसा क्यों कह रहे हैं कि मुझे ईरान पर भरोसा है? मुझे ईरान पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं है। ईरानी पक्ष ने हमेशा झूठ बोला है।” ट्रंप ने होर्मुज पर नियंत्रण का दावा करते हुए कहा कि अगर ईरान स्थिति बदलने की कोशिश करता है तो उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।

उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा पूरा नियंत्रण है। उनका इसपर कोई नियंत्रण नहीं। हम उसे चला रहे हैं। अगर ईरान कभी कुछ करने की कोशिश करता है तो उसे ‘उड़ा दिया’ जाएगा।” उन्होंने कहा कि अमरीका इस समय मजबूत स्थिति में है और दावा किया कि ईरान ने क्षेत्र में अपना पिछला प्रभाव खो दिया है। उन्होंने कहा, “अभी हमारी स्थिति बहुत अच्छी है। हमारे सामने एक ऐसा देश है जो 50 वर्षों से मध्य पूर्व में दबंग बना हुआ था… अब वह पश्चिम एशिया का दबंग नहीं रहा।”

गौरतलब है कि फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद क्षेत्र में जारी तनाव के बीच उनकी इस तरह की टिप्पणियां आई हैं। अमेरिका और ईरान अब तक टकराव खत्म करने के लिए किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच सके हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी व्यवधानों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के एक बड़े हिस्से की कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति गुजरती है। ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के हवाले से कहा है कि 28 फरवरी, 2026 तक यह जलमार्ग खुला रहा था। उन्होंने पश्चिमी प्रतिबंधों की भी आलोचना की।

बघाई ने कहा, “यह नहीं भूलना चाहिए कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति और उसके साथ जो कुछ हुआ, वह अमेरिका और इजरायली शासन की सैन्य आक्रामकता के कारण हुआ है, जो अब भी जारी है। जहां तक ईरान द्वारा शर्तें रखे जाने के दावों का सवाल है, उन्हें यह मामला अपनी ही सरकार के समक्ष उठाना चाहिए।” रणनीतिक जलमार्ग को लेकर तनाव अब भी संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस बीच, तेहरान और ओमान के बीच इस महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही के लिए व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत जारी है।