दिव्य हिमाचल ब्यूरो-शिमला
हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री रहे जयराम ठाकुर का उज्जैन में एक साथ होना हिमाचल की सियासत में चर्चा का नया विषय बन गया है। दोनों नेता कल उज्जैन में साथ नजर आए और उनकी इस मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इस घटनाक्रम को दिलचस्प बनाने वाली बात यह है कि दोनों नेताओं की इस तरह की संयुक्त मुलाकातें आम तौर पर सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आतीं। हिमाचल में दोनों का मिलना कोई बड़ी बात नहीं है। एक प्रदेश कांग्रेस संगठन के मुखिया हैं तो दूसरे विपक्षों दल के नेता। क्या यह महज धार्मिक यात्रा थी या इसके दौरान हिमाचल की राजनीति को लेकर भी कोई महत्त्वपूर्ण बातचीत हुई।
राजनीतिक विश्लेषकों के लिए इस घटनाक्रम का महत्त्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि कांग्रेस धीरे-धीरे अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों की ओर बढ़ रही है। ऐसे समय में कांग्रेस संगठन और विपक्षी दल के दो प्रमुख चेहरों का किसी दूसरे राज्य में एक साथ होना स्वाभाविक रूप से राजनीतिक संदेश पैदा करता है। हिमाचल में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के तौर पर विनय कुमार को अभी अपनी टीम में नई नियुक्तियां करनी हैं। एक हफ्ते बाद विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होगा जहां सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा एक दूसरे के सामने होगी। ऐसे नाजुक वक्त में कौन, किसके साथ और कहां दिखाई देता हैए इसका भी अपना संदेश होता है।