AI, डेटा सेंटर और क्वांटम कंप्यूटिंग में युवाओं का इंतजार, IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में बोले PM मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा सेंटर, क्रिटिकल मिनरल्स, डीप सी एक्सप्लोरेशन, बैटरी, पावर स्टोरेज, एनर्जी सिक्योरिटी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे अनेक क्षेत्र देश के युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और नेतृत्व का इंतजार कर रहे हैं। पीएम मोदी ने आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ऐसे समय में विकसित भारत की यात्रा पर आगे बढ़ रहा है जब दुनिया तेजी से बदल रही है और इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी ताकत प्रौद्योगिकी की गति है। उन्होंने कहा कि आने वाले 20-30 वर्षों की दुनिया कैसी होगी, यह निश्चित रूप से कोई नहीं कह सकता, लेकिन बदलाव के दौर में चुनौतियों के साथ नये अवसर भी पैदा होते हैं। उन्होंने कहा, “दुनिया बदलेगी, प्रौद्योगिकी भी बदलेगी, उद्योग बदलेगा, पेशे भी बदलेंगे। लेकिन, इन सबके बीच मेरी बात याद रखिएगा, जो सीखेगा, वह जीतेगा। जो नयी चुनौतियों के नये उपाय खोजने का साहस रखेगा, चुनौतियां उसके लिए अवसर बन जाएंगे।”

पीएम मोदी ने कहा कि आईआईटी से मिलने वाली डिग्री केवल परीक्षा पास करने, अच्छा सीजीपीए हासिल करने या अच्छा प्लेसमेंट पाने का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि विद्यार्थी कठिन समस्याओं का समाधान करना जानते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में जब कोई चुनौती बड़ी लगे तो उससे घबराने के बजाय उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर समाधान तलाशना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि देश के युवाओं के सामने आने वाले वर्षों में नई तकनीकों और क्षेत्रों में काम करने के व्यापक अवसर होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की आधुनिक नीतियों के कारण ऐसे कई क्षेत्र युवाओं के लिए खुले हैं, जहां पहले प्रवेश के अवसर सीमित थे और देश में नये-नये क्षेत्र भी बन रहे हैं।उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में युवाओं की भूमिका बड़ी है और देश का युवा जितना सशक्त होगा, देश उतना ही सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि आज भारत आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और औद्योगिक आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रहा है और युवाओं को इस मजबूत नींव पर विकसित भारत का निर्माण करना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में युवाओं के लिए नये अवसरों का एक उदाहरण अंतरिक्ष क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक इस क्षेत्र में लगभग पूरा काम सरकार के स्तर पर होता था, लेकिन आज यही क्षेत्र हजारों युवाओं के लिए नये अवसरों का क्षेत्र बन चुका है। युवा अपने लॉन्च व्हीकल बना रहे हैं और रॉकेट लॉन्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी भारत ने नयी शुरुआत की है और पहली सेमीकंडक्टर इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि चिप से लेकर शिप तक सब कुछ भारत में युवाओं के हाथों से बनेगा। ड्रोन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि युवा इस क्षेत्र में नयी संभावनाएं तैयार कर रहे हैं। कृषि में काम लेने, दवाइयां पहुंचाने और देश की रक्षा एवं सुरक्षा में ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है।

पीएम मोदी ने भारत की स्टार्टअप क्रांति में आईआईटी जैसे संस्थानों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसी संस्थान से कई संस्थापक निकले हैं और यदि एक संस्थान से इतनी बड़ी ताकत तैयार हो सकती है तो पूरे देश में तैयार हो रही क्षमता का अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यूनिकॉर्न, डिजिटल भुगतान और फिनटेक क्रांति ने देश के लाखों युवाओं को पहली बार कुछ नया करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि अब भी ऐसे अनेक क्षेत्र हैं, जहां भारत अपनी नई यात्रा शुरू कर रहा है और इन क्षेत्रों में देश को युवाओं से बड़ी उम्मीदें हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, दुर्लभ खनिज, गहरे समुद्र की खोज, बैटरी, ऊर्जा भंडारण, ऊर्जा सुरक्षा, विद्युत परिवहन, क्वांटम कंप्यूटिंग ऐसे अनेक क्षेत्र आपकी प्रतिभा, आपके नवाचार और आपके नेतृ्त्व का इंतजार कर रहे हैं, और मैं भी इंतजार कर रहा हूं।” उन्होंने कहा कि देश के लिए एक और बड़ी संभावना शोध के क्षेत्र में है। भारत को नई-नई रिसर्च की जरूरत है और सरकार का इस दिशा में भी ध्यान है। उन्होंने प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप, रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन स्कीम और नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों का उद्देश्य देश में विज्ञान और शोध को नयी ताकत देना है।

पीएम मोदी ने कहा कि शोध क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपए तक की फंडिंग की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि अकादमिक संसाधनों की पहुंच भी आसान बनायी गयी है और ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ के माध्यम से दुनिया की प्रतिष्ठित रिसर्च जर्नल देश के छोटे से छोटे शहरों तक बिना किसी अतिरिक्त लागत के पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि शोध के क्षेत्र में अभी लंबी दूरी तय करनी है और यह काम युवाओं के प्रतिबद्धता के साथ ही संभव है। उन्होंने कहा कि देश को युवाओं से अपेक्षा भी है और उन पर भरोसा भी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यार्थियों को जीवन में दूसरों से तुलना करने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि करियर की शुरुआत में यह देखना कि किसे कितना पैकेज मिला, कौन किस कंपनी में गया, किस शहर या देश में गया और किसने स्टार्टअप शुरू किया, एक बड़ा विचलन बन सकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में ऐसी तुलना कभी खत्म नहीं होती। उन्होंने कहा, “जिंदगी कोई लीडर-बोर्ड नहीं है, आपकी असली दौड़ किसी और से नहीं, खुद अपने आप से है। हर दिन कल से बेहतर बनने की कोशिश करते रहिएगा।”

प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत का भी ध्यान रखने को कहा। श्री मोदी ने कहा कि हर पीढ़ी के सामने उसके समय की अपनी चुनौतियां होती हैं और उसका अपना राष्ट्रीय दायित्व भी होता है। उन्होंने कहा कि अगले 30-35 वर्षों में युवा जो कुछ करेंगे, उसका प्रभाव विकसित भारत की यात्रा पर पड़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने हर निर्णय में यह विचार करने को कहा कि उससे देश को क्या फायदा होगा और देश की कौन सी जरूरत पूरी होगी। प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को जीवन में जिज्ञासा और सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखने तथा स्थापित धारणाओं को परखने और उन पर सवाल उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केवल सवाल पूछकर रुकना नहीं चाहिए, बल्कि उनके समाधान खोजने का साहस भी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईआईटी की परीक्षा में सिलेबस और प्रश्नपत्र होता है, लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ ‘आउट ऑफ सिलेबस’ होता है। कई बार व्यक्ति को यह भी खुद पहचानना पड़ता है कि असली सवाल क्या है।

पीएम मोदी ने कहा कि आईआईटी के कई पूर्व छात्रों की सफलता का कारण केवल यह नहीं था कि उन्होंने सही जवाब दिये, बल्कि यह भी था कि उन्होंने उन सवालों को पहचाना जिन्हें दुनिया ने सवाल मानना ही छोड़ दिया था और उन समस्याओं का समाधान खोजा, जिनके साथ दूसरे लोग समझौता कर चुके थे।उन्होंने आईआईटी दिल्ली से दीक्षांत समारोह के बाद निकल रहे विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने संस्थान, शिक्षकों, मित्रों और इस यात्रा में सहयोग करने वाले सभी लोगों के साथ अपने संबंधों को बनाए रखें।