विधानसभा में मुख्यमंत्री सुक्खू ने दी जानकारी, मुश्किल वक्त में जीएसटी और वैट बन रहा बड़ा सहारा
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला
छोटे पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संसाधनों की कमी के बीच अकेले शराब से से खजाने में 8000 करोड़ रुपए से अधिक की रकम आई है। यह आंकड़ा तीन साल का है। इसी प्रकार जीएसटी से तीन साल की कमाई 17 हजार करोड़ रुपए की है। वैट की कमाई 5500 करोड़ रुपए से अधिक की है। इस बारे में राज्य सरकार ने विधानसभा के मानसून सेशन में आंकड़ों सहित जानकारी दी है। भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने यह सवाल पूछा था। सवाल पर सीएम सुक्खू ने लिखित जवाब दिया है। इस जानकारी के अनुसार हिमाचल के खजाने में 2023-24 में आबकारी मद में 2692.33 करोड़ रुपए राजस्व आया। इससे पहले वर्ष 2022-23 में शराब की कमाई यानी शराब से मिलने वाले रेवेन्यू का आंकड़ा 2216.34 करोड़ रुपए था। वर्ष 2024-25 में ये 2776.41 करोड़ रुपए हो गया। वर्ष 2025-26 में शराब का राजस्व 2884.48 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इस साल यानी वर्ष 2026-27 में पहली अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक शराब की कमाई का आंकड़ा 934.17 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है। यदि जीएसटी से मिलने वाले राजस्व की बात की जाए तो वर्ष 2023-24 में कुल राजस्व 5339.89 करोड़ रुपए रहा है। इसी तरह वर्ष 2024-25 में जीएसटी से खजाने में 5816.61 करोड़ रुपए की रकम आई। वर्ष 2025-26 में ये आंकड़ा 5967.65 करोड़ रुपए रहा। इस वित्त वर्ष में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले जीएसटी कलेक्शन की कमाई 151.04 करोड़ रुपए बढ़ी है। प्रदेश में तीन साल में वैट की कमाई 5500 करोड़ से अधिक रही।
35687 महिलाओं को हर महीने मिल रहे 1500 रुपए
राज्य में 18 की जगह 21 साल से लेकर 59 साल की महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। राज्य में अभी तक केवल 35687 महिलाओं को ही सम्मान निधि दी जा रही है। इनमें भी डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के विधानसभा क्षेत्र हरोली की महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। इस योजना के प्रारूप और इसके लाभार्थियों पर भाजपा विधायकों विनोद कुमार, विपिन सिंह परमार और सुखराम चौधरी ने सवाल पूछा था।
नई पंचायतों को फर्नीचर के लिए मिलेंगे 50 हजार
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान चौपाल के विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने पंचायत घरों का मामला उठाया। जवाब में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि 3 साल में चौपाल में पंचायत भवनों के लिए 3.64 करोड़ दिए गए हैं। विभाग ने फैसला लिया है कि 10 बिस्वा से कम जमीन डोनेशन से भी नहीं ली जाएगी। जहां तक फर्नीचर की बात है, तो नई पंचायत में 50000 रुपए अलग से फर्नीचर के लिए देने का प्रावधान है।
जाइका प्रोजेक्ट के काम की इंस्पेक्शन होगी
विधानसभा में कसौली से कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी की ओर से चल रहे कृषि विभाग के प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने जवाब दिया कि जाइका के तहत कृषि विभाग में सिंचाई सुविधाएं अपग्रेड करने के लिए 1021 करोड़ का यह प्रोजेक्ट चल रहा है और इसके तहत कसौली की भी छह कूहलों को लिया गया है। जहां तक विधायक ने क्वालिटी को लेकर सवाल उठाए हैं तो यदि काम सब स्टैंडर्ड होगा, तो कार्रवाई करेंगे।