झंडा चढ़ाने की रस्म से आगाज, जलती मशालों के बीच पारंपरिक नृत्य ने बांधा समां
निजी संवाददाता-होली
ग्राम पंचायत दियोल में शनिवार को ऐतिहासिक बांडा महोत्सव -2026 का शुभारंभ ग्रामीणों के ग्राम देवताओं के पूजन व झंडा चढाने की रस्म के साथ हुआ। इस मौके पर भाजपा मंडल होली के अध्यक्ष एवं न्याग्रां पंचायत के पूर्व प्रधान अशोक राजपूत ने मुख्यातिथि और दयोल पंचायत की प्रधान राजेश्वरी शर्मा ने विशेषातिथि के तौर पर उपस्थिति दर्ज करवाई। बांडा महोत्सव के मुख्य संरक्षक डा. केहर सिंह ठाकुर ने मुख्यातिथि व विशेषातिथि को शाल व टोपी पहनाकर और स्मृति चिंह भेंटकर सम्मानित करने की रस्म अदा की। डा. केहर सिंह ठाकुर ने बताया कि यह बांडा महोत्सव हमारे पूर्वजों की देन है और यह सदियों से यहां पर मनाया जाता रहा है। इस महोत्सव की सबसे खास बात यह है की होली घाटी में मनाया जाने वाला अंतिम त्यौहार जो सैर के तीसरे दिन मनाया जाता है। हमारे यहां पर मान्यता है कि इसके बाद कोई भी त्यौहार इस होली घाटी में नहीं मनाया जाता था।
इस त्यौहार को मनाने के बाद लोग अपने-अपने गंतव्य के लिए चले जाते थे। कुछ अपनी भेड- बकरियों के साथ कांगडा घाटी, ऊना और बिलासपुर के क्षेत्र में या अन्य निचले क्षेत्र में चले जाते थे। वह छह महीने तक निचले क्षत्रों में रहने के बाद यहां वापिस आते थे। बिछोड़े का यह अंतिम त्यौहार केवल होली घाटी के दियोल गांव में ही मनाया जाता था। इसी परंपरा को निभाते हुए आज भी दियोल गांव के लोग हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। सायर के तीसरे दिन संपूर्ण ग्रामीण अपने पारंपरिक वेशभूषा में तीन जलती हुई मसालों के सामने नृत्य करते हैं। इस आशा के साथ एक दूसरे से विदाई लेते हैं कि अगले वर्ष भी हम सभी यहां एकत्रित होंगे और इस त्यौहार को एक साथ मिलकर मनाएंगे।