स्टाफ रिपोर्टर — धर्मशाला
एशियन गेम्स जापान में भारत को कबड्डी का लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक दिलाकर लौटीं धर्मशाला स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की तीन बेटियों का सोमवार को धर्मशाला पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान पुष्पा राणा के साथ खिलाड़ी ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर के स्वागत में ढोल-नगाड़े बजे, पटाख जलाए, फूल मालाएं पहनाने संग फूलों की बारिश करके खेल प्रेमियों ने जश्न मनाया। उत्साहित साई सेंटर की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों ने समर्थकों ने खिलाडिय़ों को कंधों पर उठाकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस दौरान पुष्पा, ज्योति व भावना ने अपने सहयोगी खिलाडिय़ों के साथ ढोल में खूब नाटी डाली, और झूमते हुए केंद्र में पहुंचे। हालांकि प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन व धर्मशाला से भी किसी प्रशासनिक अधिकारी व नेता खिलाडिय़ों को स्वागत करने नहीं पहुंचे।
धर्मशाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र में आयोजित स्वागत समारोह में खिलाडिय़ों को हिमाचली शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया। साई धर्मशाला केंद्र के अस्सिटेंट निदेशक जेपी साहनी के अलावा युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के जिला अधिकारी रवि शंकर, मेरा युवा भारत के उपनिदेशक धु्रव डोगरा और ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन की ओर से भी तीनों खिलाडिय़ों का अभिनंदन किया गया। एशियन गेम्स में ईरान को कांटे की टक्कर मुकाबले में 37-34 से हराकर स्वर्ण जीतने वाली इन खिलाडिय़ों को देखने और बधाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं खिलाडिय़ों ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, टीम एकजुटता, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया।
चैंपियन को नौकरी का इंतजार, सरकार से उम्मीद
एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाकर धर्मशाला लौटी कप्तान पुष्पा राणा के चेहरे पर जीत की खुशी तो थी, लेकिन वर्षों से नौकरी के इंतजार की कसक भी साफ नजर आई। ईरान को फाइनल में हराकर देश के लिए स्वर्ण जीतने वाली पुष्पा ने धर्मशाला पहुंचते ही खिलाडिय़ों के रोजगार का मुद्दा फिर उठाया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी वर्षों तक देश और प्रदेश के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन खेल जीवन के बाद भविष्य की आर्थिक सुरक्षा भी जरूरी है। उनकी उम्र 29 वर्ष हो चुकी है, और अब सरकार को खिलाडिय़ों के रोजगार के मुद्दे पर जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने घर से अधिक समय उन्होंने साई सेंटर धर्मशाला में बिताया है। पुष्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री से पूर्व में हुई मुलाकात में खिलाडिय़ों की नौकरी की मांग पर काम करने का आश्वासन मिला था। एशियन गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब उन्हें उम्मीद है कि सरकार खिलाडिय़ों की इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगी।