चुराह में बरसे ओले, किसानों का मटर तबाह

ओलावृष्टि से भराड़ा में फसल तहस-नहस; फूल आने से पहले उजड़े खेत, खेती पर छाए संकट के बादल

निजी संवाददाता-तीसा
चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत भराड़ा में सोमवार देर रात हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से भराड़ा, चुटेरा, मंगलोवा और किहा क्षेत्रों में मटर की करीब 50 फीसदी खड़ी फसल बर्बाद हो गई। किसानों के अनुसार रात करीब तीन बजे अचानक मौसम बिगड़ा और तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसल को तहस-नहस कर दिया। किसानों ने बताया कि उन्होंने जुलाई में कर्ज लेकर 200 से 250 रुपए प्रति किलो की दर से मटर का बीज खरीदा था। कड़ी मेहनत के बाद फसल में फूल आना शुरू ही हुए थे और अक्तूबर में इसे मंडियों में भेजने की तैयारी थी।

अब खेतों में टूटी टहनियां और खराब हुए फूल ही बचे हैं। ग्राम पंचायत भराड़ा चुराह घाटी में मटर उत्पादन का प्रमुख केंद्र है। यहां करीब 800 से 1000 किसान परिवार मटर की खेती पर निर्भर हैं। फसल तबाह होने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित किसान खेर सिंह, ओम प्रकाश, हरीश कुमार, पूर्ण चंद, बेली राम, रवि कुमार, रमेश कुमार और राजकुमार ने प्रशासन से जल्द राजस्व विभाग की टीम भेजकर नुकसान का आकलन करवाने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

पटवारी को फसल के नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के दिए निर्देश

तहसीलदार चुराह आशीष ठाकुर ने बताया कि हलका पटवारी को ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभाग को प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की अनुशंसा की जाएगी।