बागबानों को सरकार की बड़ी सौगात, MIS के तहत 3 रुपए प्रति किलो बढ़ेंगे सेब के दाम

जय ठाकुर—शिमला

हिमाचल के बागबानों को राज्य की सुक्खू सरकार बड़ी सौगात देने जा रही है। प्रदेश में सरकार एमआईएस खरीद के तहत सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने जा रही है। इस संबंध में सरकार द्वारा बड़े स्तर पर मंथन किया जा रहा है। सेब खरीद मूल्य को बढ़ाकर आने वाले समय में 15 रुपए प्रति किलो किया जाएगा। इसके लिए सरकार द्वारा प्रस्ताव तैयार कर लिया है। आगामी विधानसभा शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इसकी औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। वर्तमान में सेब बागवानों को एचपीएमसी द्वारा एमआईएस के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य 12 रुपए प्रति किलो दिया जा रहा है, जिसमें सरकार अपना बहुत सा पैसा वहन कर रही है।

बीते वित्त वर्ष 2025-26 में एमआईएस के तहत प्रदेश भर में एक लाख मीट्रिक टन सेब खरीद की गई थी, वहीं इस वर्ष अभी तक सेब की कम फसल के चलते करीब 6 हजार मीट्रिक टन सेब एमआईएस के तहत खरीदा गया है। ऐसे में सरकार यदि एमआईएस के तहत सेब का समर्थन मूल्य को बढ़ाती है तो शिमला जिला सहित किन्नौर, लाहुल-स्पीति, कुल्लू, चंबा, मंडी और सिरमौर जिला के लाखों बागबान इससे लाभान्वित होंगे। प्रदेश में हर वर्ष मौसम की बेरुखी के चलते बागवानों को बहुत सा सेब ड्रॉप होता है और ऐसे में बागवानों को इसका नुकसान भी उठाना पड़ता है इसकी नुकसान को रोकने के लिए सी ग्रेड के सेब को सरकार एमआईएस के तहत खरीदती है जिससे एचपीएमसी द्वारा वैल्यू एडिशन कर फुट वाईन और जूस के कई प्रकार के प्रोडक्ट बनाए जाते हैं जो प्रदेशभर के एचपीएमसी के सैंटरों के माध्यम से बाजार में बेचे जाते हैं।

60 प्रतिशत लोग ठेके में देते हैं सेब

राज्य के 60 प्रतिशत से अधिक बागवान अपने सेब बगीचों को ठेके पर दे देते हैं। सेब बगीचों का ठेका लेने वाले ठेकेदार अब एमआईएस के तहत सेब नहीं बेच सकेंगे। एमआईएस सेब खरीद के लिए बागवानों से जमीन से संबंधित जमाबंदी ली जा रही है जिससे अब यह लाभ ठेकेदारों को नहीं मिलेगा इसके विपरीत राज्य के बागवान अपना सेब एमआईएस के तहत सीधे बेचकर सी ग्रेड सेब का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। सरकार द्वारा यह योजना बागवानों को सीधा लाभ देने के लिए बनाई है ताकि किसी बागवान के साथ ठगी ना हो और सीधे एमआईएस की राशि उनके खाते में जा सके।