कार्यालय संवाददाता—बिलासपुर
झंडूता उपमंडल के तहत समलेटू में सामने आए कथित हत्या के सनसनीखेज मामले में उस समय बड़ा मोड़ आ गया, जब पुलिस ने मृत घोषित किए गए मदन लाल को जीवित बरामद कर लिया। प्रारंभिक जांच में हत्या और शव ठिकाने लगाने की कहानी सामने आने के बाद पुलिस लगातार शव की तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन गहन पड़ताल और पुलिस रिमांड के दौरान हुए खुलासों ने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी। पुलिस जांच के अनुसार मदन लाल के भाई बिशन दास और भाभी रानी देवी ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया था कि आपसी झगड़े के दौरान मदन लाल की मौत हो गई थी और घबराहट में उन्होंने शव को ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की।
साथ ही स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई गई और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की गई। पुलिस को सूचना मिली कि मदन लाल को 13 सितंबर को मंडी भराड़ी और स्वारघाट क्षेत्र में देखा गया था। सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगलवार देर शाम करीब नौ बजे मदन लाल को स्वारघाट क्षेत्र से बरामद कर लिया। एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने मामले की पुष्टि की है।
13 सितंबर को थाना झंडूता में शिकायत
पुलिस के अनुसार रोशन लाल पुत्र निक्कू राम निवासी गांव समलेटू मतला झंडूता ने 13 सितंबर को थाना झंडूता में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसका भाई मदन लाल 11 सितंबर की शाम करीब साढ़े सात बजे घर से बिना बताए कहीं चला गया था और काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। शिकायत के आधार पर थाना झंडूता में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
क्या था पूरा मामला
11 सितंबर को मदन लाल का उसके बड़े भाई बिशन दास तथा भाभी रानो देवी के साथ विवाद हुआ था। आरोप है कि झगड़े के दौरान मदन लाल के सिर पर पत्थर से वार किया गया, जिससे उसे गंभीर चोट लगी। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए। तफतीश के दौरान बिशन दास और रानो देवी से पूछताछ की गई। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि मदन लाल की मृत्यु के बाद उसके शव को चांगरू नामक स्थान पर झील में फेंक दिया गया। शव की तलाश के लिए गोताखोरों की सहायता ली गई, पर शव मिला नहीं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी बिशन दास और रानो देवी को गिरफ्तार कर लिया।