स्टाफ रिपोर्टर- धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशे के खिलाफ विशेष अभियान के तहत जिला कांगड़ा पुलिस की टीम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी सफलता हाथ लगी है। कांगड़ा पुलिस टीम ने नाकाबंदी और चेकिंग के दौरान दो अलग-अलग मामलों में 18.81 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है इस करवाई के तहत मौके से 04 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की पुष्टि करते हुए जिला कांगड़ा के एसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि पहले मामले में पुलिस थाना बैजनाथ के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में बैजनाथ पुलिस टीम ने एक रिहायशी परिसर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बिस्तर के गद्दे के नीचे छिपाकर रखा गया 6.35 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर FIR दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 एवं 29 NDPD एक्ट के तहत पुलिस थाना बैजनाथ में मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगामी जांच पुलिस थाना बैजनाथ के जांच अधिकारी द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में आनंद गुरंग उर्फ किप्पू, निवासी कथोग, बैजनाथ और राहुल वर्मा, निवासी होशियारपुर, पंजाब को हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने बताया कि दूसरे मामले में पुलिस थाना कांगड़ा की टीम द्वारा कांगड़ा के अधिकार क्षेत्र में पुराने कांगड़ा रोड के समीप रेन शेल्टर पर दो व्यक्तियों को काबू किया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 12.46 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई। इस संबंध में पुलिस थाना कांगड़ा में एनडीपीएस एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है तथा आगामी जांच जारी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अमित कुमार (25 वर्ष), निवासी गांव एवं डाकघर बगली, तहसील कांगड़ा, जिला कांगड़ा और निखिल व्यास (30 वर्ष), निवासी गांव मझाणू, डाकघर एवं तहसील पंचरुखी, जिला कांगड़ा को हिरासत में लिया है।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा पुलिस चरस के मुख्य स्रोत और इसकी सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए पुलिस द्वारा गहन जांच जारी है। उन्होंने कहा कि इन चारों लोगों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा और दो दिन के रिमांड की अपील कोर्ट से की जाएगी एसपी ने कहा कि पुलिस प्रशासन आम जनता से अपील करता है कि यदि आपके आसपास कोई भी व्यक्ति नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।