इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, एक भी सबूत पेश नहीं कर पाए याचिकाकर्ता
एजेंसियां — प्रयागराज
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता वकील अशोक पांडेय और अन्य लोग अपने आरोपों को साबित करने के लिए एक भी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। याचिका में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी भारतीय नागरिक नहीं हैं, बल्कि उनके पास ब्रिटेन की नागरिकता है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता एक भी ऐसा सबूत पेश नहीं कर सके, जिससे यह साबित हो सके कि राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटिश नागरिक घोषित किया है। जस्टिस शेखर बी सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बैंच ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जिस एकमात्र दस्तावेज का सहारा लिया, वह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी का एक लेटर था।
इस लेटर से याचिका में लगाए गए किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं होती है। इससे पहले कोर्ट ने इस मामले को सुनने पर संदेह जताया था, क्योंकि राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़ी शिकायत पहले से ही केंद्र सरकार के पास लंबित है। याचिकाकर्ता का दावा था कि राहुल गांधी ने 2003 में ब्रिटेन में बैकऑप्स लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी, जिसमें उन्होंने खुद को ब्रिटिश नागरिक घोषित किया था, लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि याचिकाकर्ता ब्रिटेन के कंपनी रजिस्ट्रार या किसी भी सरकारी रिकार्ड से ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। कोर्ट की इन सख्त टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। हाई कोर्ट ने उनका अनुरोध स्वीकार करते हुए याचिका को वापस लेने के आधार पर खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के वकील भी अदालत में मौजूद थे। वहीं, राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़ा एक अन्य मामला हाई कोर्ट की दूसरी बैंच के समक्ष अभी लंबित है।