नियम 130 के तहत सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों में तीखी नोंक-झोंक
कार्यालय संवाददाता-शिमला
हिमाचल विधानसभा में तीसरे दिन भी रोजगार के मसले पर नियम 130 के तहत लाए गए प्रस्ताव पर तीसरे दिन भी चर्चा जारी रही। इस बुधवार को चर्चा कि शरुवात करते हुए विधायक बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश सरकार बढ़ती बेरोजगारी, घटती नियमित भर्तियों, उद्योगों के कमजोर होते वातावरण और युवाओं के भविष्य को लेकर जमकर घेरा। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले युवाओं से पांच वर्षों में पांच लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन आज सरकार की वास्तविकता यह है कि नियमित रोजगार देने के बजाए आउटसोर्स और अल्प वेतन वाली नौकरियों को रोजगार की उपलब्धि बता अपनी पीठ थपथपाई जा रही है। प्रदेश में बेरोजगारी दर 4.5 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 3.01 प्रतिशत है। यानी हिमाचल की बेरोजगारी राष्ट्रीय औसत से लगभग 60 प्रतिशत अधिक है। आज स्थिति यह है कि वन विभाग में वन मित्र को करीब 12 हजार, पशुपालन विभाग में पशु मित्र को लगभग पांच हजार, जल वाहक को करीब छह हजार और बिजली मित्र जैसी योजनाओं में करीब दस हजार मानदेय की बात की जा रही है।
लॉटरी और भंाग की खेती में फंसी सरकार
विधायक रणवीर सिंह निक्का ने कहा कि कहा कि सरकार ने रोजगार कि तरफ तो कदम नहीं उठाए लेकिन लॉटरी और भाँग खेती कि दिशा में अवश्य आगे बढ़ रही है। कई सुझाव भी दिए।
केंद्रीय मंत्री को देना पडा इस्तीफा
विद्यायक सुदर्शन सिंह बबलू ने कहा कि ज़ब पूरा देश का युवाओं सडक़ों पर आया तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पढ़ा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो वादे किए थे, वे क्या पुरे हुए। काला धन वापस आया। बुलेट ट्रेन चली। 15 -15 लाख खाते में आए।
कितनो को पेंशन वाली पक्की नौकरी मिली
विधायक विनोद कुमार ने कहा कि दिल्ली से ऊना के लिए वंदेमातरम् ट्रैन शरू हुई, जिसके लिए प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कांग्रेस को उसके वादे भी याद दिलाए। उन्होंने कहा कि सरकार बातए कि कितने युवाओं को पक्की पेशन वाली नौकरी दी।
वर्तमान सरकार में हर वर्ग खुश
विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि सरकार एक व्यवस्था के तहत काम कर रही हैं। वर्तमान सरकार में हर वर्ग खुश है।
युवाओं को ठगने का काम किया
विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि सरकार ने युवाओं को ठगने का काम किया है। एक लाख का नौकरी का वादा किया था, जबकि सवा लाख पद रिक्त पड़े हैं।
पूर्व सरकार में नौकरी में पारदर्शिता नहीं थी
विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि कांग्रेस कि गारंटियों कि बात तो हो रही है, लेकिन अपने वादे भी याद रखते तो बेहतर होता। विपक्ष के समय नौकरी में पारदर्शिता नहीं थी।
सरकार ने युवाओं को ठगने का काम किया
विधायक जनक राज ने कहा प्रदेश में दो शहजादो ने बेरोजगार यात्रा प्रदेश में निकाली और वर्तमान सरकार में रोजगार फिर भी नहीं मिल रही। सरकार ने युवाओं को ठगने का काम किया।
निजी क्षेत्र में भी नौकरी रेगुलर नहीं
विधायक हरदीप सिंह बावा ने कहा की ये सत्य है सभी को सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती है। निजी क्षेत्र में भी अब नौकरी रेगुलर नहीं रही। केंद्र सराकर ने चार नए लेबर कोड बनाए, उसमे भी जॉब फिक्स नहीं है। आउटसोर्स के लिए कुछ न कुछ करना होगा।
सैकड़ों खाली पद सरकार आंकड़ों में फंसी
विधायक आशीष शर्मा ने कहा की हज़ारों पद खाली पड़े है और सरकार केवल आकड़ों में युवाओं को उलझने में लगी हुई है। युवाओं के सामने सरकार रिपोर्ट रखे कि कितनो को रोजगार दिया। आज युवा सम्मानजनक रोजगार चाहता है। पांच और छह हज़ार की नौकरी क्या सामान जनक वेतन है।
बेहतर होता साकारात्मक सुझाव देता विपक्ष
विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि विपक्ष सकारात्मक सुझाव देते, तो बेहतर होता। आरडीजी बंद होना भी एक बड़ा मुद्दा है। यदि केंद्र वादे के अनुसार हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देते तो तस्वीर कुछ अलग होती।