मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं पर लगाए तीन शुल्क

अजय शर्मा—शिमला

विधानसभा मानसून सत्र में शून्यकाल के दौरान विधायक डा. जनक राज ने प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं पर तीन अलग-अलग शुल्क लगाने का मामला प्रमुखता के साथ उठाया। उन्होंने कहा कि यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं पर रजिस्ट्रेशन के अलावा दो अन्य शुल्क लगाए गए है। तीनों को मिलाकर 250 रुपए का शुल्क श्रद्धालुओं से लेना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने सदन में यात्रा से पहले प्रबंधों को पूरा करने और मणिमहेश यात्रा के कुगती ट्रैक पर लगाई गई पाबंदी को हटाने की मांग सरकार से की है।

जवाब में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि विधायक ने यात्रा से जुड़े अहम मुद्दे सदन में रखे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की त्रासदी के बाद यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाने के प्रयास किए गए हैं। परिक्रमा यात्रा ट्रैक को और बेहतर करने की जरूरत है। डीसी स्तर पर भी इसको लेकर दो-तीन बैठकें हुई हैं। किन्हीं कारणों चलते वह इन बैठकों में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि बैठकों में आए सुझावों पर विचार करेंगे। सरकार ने होली से भी मणिमहेश यात्रा के लिए हेली टैक्सी सेवा आरंभ की है।

विभाग की सूची में शामिल होंगे अंतराष्ट्रीय खेल

विधायक मलेंद्र राजन ने कई खेल अंतराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है, लेकिन प्रदेश के सूचीबद्व खेलों में यह शामिल नहीं है। जबकि प्रदेश के कई युवा इंटरनेशनल लेवल पर मान्यता प्राप्त खेलों में बड़ी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इन खेलों को भी उपयुक्त प्रक्रिया के जरिए सूची में शामिल किया जाए और इनमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को सम्मानित किया जाए। जवाब में आयुष मंत्री यादविंदर गोमा ने कहा कि अंतराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर जीत कर आने वाले खिलाडिय़ों को सरकार सम्मानित करती है। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों की प्राइज मनी में भी सरकार ने 200 प्रतिशत तक की इंक्रीमेंट की है। कई खेले ओलंपिक में दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध खेलों में अन्य को शामिल करने का मामला विचाराधीन है।