महिलाएं घर में रह कर बच्चे पालें, इमाम एसोसिएशन अध्यक्ष मौलाना रशीदी बोले, देश में शरिया कानून जरूरी

एजेंसियां— तिरुवनंतपुरम

केरल के प्रमुख सुन्नी धर्मगुरु कांथापुरम एपी अबूबक्र मुसलियार के महिलाओं पर दिए गए विवादित बयान के बाद देश में राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कांथापुरम के विचारों का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा है कि देश में जब तक इस्लामिक कानून (शरिया) लागू नहीं किया जाएगा, तब तक महिलाएं सुरक्षित नहीं रह सकतीं। रशीदी ने स्वतंत्रता और समानता के नाम पर महिलाओं को वर्कफोर्स में शामिल करने पर सवाल उठाए और दावा किया कि इससे समाज में नैतिक पतन और बर्बादी बढ़ी है। रशीदी ने कहा कि यौन हिंसा और बलात्कार जैसे अपराधों को रोकने के लिए सख्त इस्लामिक सजा की जरूरत है।

उन्होंने दावा किया कि जब तक सख्त कानून नहीं बनेंगे, तब तक महिला सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बनी रहेगी। रशीदी का तर्क है कि महिलाओं को घर के भीतर रहकर बच्चों का पालन-पोषण और गृहस्थी संभालनी चाहिए, जबकि पुरुषों को बाहर निकलकर कमाई करनी चाहिए और परिवार का पालन-पोषण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के नाम पर महिलाओं को काम पर भेजने की होड़ ही उनके लिए असुरक्षा का कारण बन रही है।