कार्यालय संवाददाता — शिमला
प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गत बुधवार रात शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। बारिश के कारण कई जगह भू-स्खलन हुआ और सडक़ों पर मलबा आ गया। इससे यातायात प्रभावित हुआ है। बिजली और पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग ने पांच सितंबर तक प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। छह से नौ सितंबर तक भी बारिश के आसार हैं, हालांकि इन दिनों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
शुक्रवार को राज्य के तीन जिलों सिरमौर कांगड़ा और सिरमौर में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं पांच सितंबर को बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में भूस्खलन और अन्य कारणों से 95 सडक़ें अवरुद्ध हैं। 43 बिजली ट्रांसफार्मर और 35 पेयजल योजनाएं बंद हैं। बिलासपुर के नैना देवी में 130.6 मिलीमीटर बारिश, बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।