टीबी के खिलाफ चंबा में ‘जोश’ अभियान का आगाज, डीसी बोले; पंचायतों की भागीदारी से चंबा बनेगा टीबी मुक्त
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-चंबा
उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने गुरुवार को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ‘जोश अभियान’ का जिला स्तरीय शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में किया। इस दौरान उन्होंने क्षय रोग मुक्त घोषित 19 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया और पंचायत स्तर पर टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी मजबूत करने का आह्वान किया। उपायुक्त ने कहा कि टीबी मुक्त भारत, हिमाचल और चंबा का लक्ष्य हासिल करने में पंचायतों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है और इसका निशुल्क उपचार उपलब्ध है। समय पर जांच और निर्धारित अवधि तक नियमित उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें जांच और उपचार के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि टीबी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और कलंक को दूर करना जरूरी है, ताकि लोग बिना झिझक जांच और उपचार के लिए आगे आएं। पंचायतों, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के सामूहिक प्रयासों से चंबा को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इस अवसर पर उपायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जालम सिंह भारद्वाज और जिला क्षय रोग अधिकारी डा. हरित पुरी को टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया। डा. जालम सिंह भारद्वाज ने ‘जोश अभियान’ के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य समुदाय की भागीदारी से टीबी की शीघ्र पहचान, समय पर जांच-उपचार, उपचार की पूर्णता तथा मरीजों को पोषण और सामाजिक सहयोग उपलब्ध करवाना है।
ये-ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष रेखा देवी, नगर परिषद चंबा अध्यक्ष भुवनेश्वरी गुलाटी, जिला परिषद उपाध्यक्ष लियाकत अली खान, पंचायत समिति चंबा अध्यक्ष काजल कुमारी, जिला परिषद सदस्य राज सिंह ठाकुर व अंजू कुमारी, पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य डा. पंकज गुप्ता, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. कविता महाजन, आयुष अधिकारी डा. अनीता शर्मा सहित विभिन्न पंचायतों के प्रधान, एनसीसी कैडेट, मेरा युवा भारत के प्रतिनिधि, अधिकारी मौजूद रहे।